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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली-NCR को राहत, 5 सालों में सबसे कम प्रदूषित रही इस बार दशहरे से अगली सुबह

By JP YadavEdited By:
Published: Wed, 09 Oct 2019 08:30 PM (IST)Updated: Thu, 10 Oct 2019 05:51 AM (IST)

इस बार दशहरे से अगली सुबह पिछले 5 सालों के दौरान सबसे कम प्रदूषित रही। न तो हवा में पटाखों ...और पढ़ें

दिल्ली-NCR को राहत, 5 सालों में सबसे कम प्रदूषित रही इस बार दशहरे से अगली सुबह
दिल्ली-NCR को राहत, 5 सालों में सबसे कम प्रदूषित रही इस बार दशहरे से अगली सुबह

नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। pollution in Delhi and NCR: इसे जन जागरूकता का असर कहें या सख्ती का, सामान्य पटाखे जलाने पर रोक कहें या मौसम का प्रभाव... लेकिन इस बार दशहरे से अगली सुबह पिछले पांच सालों के दौरान सबसे कम प्रदूषित रही। न तो हवा में पटाखों के जलने से निकलने वाले रसायन या धातु की ही अधिक मात्रा मिली और न ही बहुत शोर शराबा हुआ। यही वजह रही कि दिल्ली वासियों को न मंगलवार रात सांस लेने में कोई परेशानी हुई और न बुधवार की सुबह। दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (Air Quality Index) भी 2015 के बाद इस साल सर्वाधिक कम दर्ज किया गया है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Central Pollution Control Board) के रिकाॅर्ड पर गौर करें तो इस साल दशहरे पर दिल्ली का दम नहीं घुटा। हालांकि इस बार भी कई जगह सामान्य आतिशबाजी का इस्तेमाल हुआ एवं पटाखे भी छोड़े गए। बहुत सी जगह तो रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों में भी पुराने पटाखों का प्रयोग किया गया। बावजूद इसके इनकी मात्रा पिछले दशहरे की तुलना में काफी कम रही, इसीलिए दशहरे के दिन वाली रात भी अपेक्षाकृत साफ रही और अगले दिन की सुबह भी। मालूम हो कि 2018 में तो दशहरे पर 2017 की दिवाली जितना प्रदूषण था।

सीपीसीबी के अनुसार इसके पीछे मौसम का असर तो रहा ही है, इस बार दशहरे का जल्दी आना भी एक बड़ी वजह रहा है। इसके अतिरिक्त पटाखे भी कम चले हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिबंध लगा होने के कारण बाजारों में पटाखे उपलब्ध न होने से लोग आतिशबाजी भी नहीं खरीद पाए। यह भी  इस बार दशहरे के पिछले पांच सालों में सबसे साफ होने की वजह रही है। वहीं इस बार पुतलों में कई जगहों पर ग्रीन पटाखे का भी इस्तेमाल हुआ है।

वहीं, सीपीसीबी अधिकारियों के मुताबिक दशहरा बीत गया है। ऐसे में अब हमारी प्लानिंग स्वच्छ दिवाली के लिए हैं। उम्मीद है कि इस बार दिल्ली वासियों दिवाली भी पिछले सालों की तुलना में कहीं साफ मिल पाए। इसके लिए हमारी 47 टीमों ने दिल्ली एनसीआर भर में निरीक्षण कार्य शुरू कर दिया है।

पिछले पांच सालों के दौरान दशहरे से अगले दिन का प्रदूषण

वर्ष               एयर इंडेक्स

2019            173

2018            326

2017            196

2016            223

2015            292

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