यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पत्रकार रजत शर्मा मामले में हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' को लगाई फटकार, जानिए क्या कुछ कहा
वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा मानहानि केस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court reprimanded X) ने बुधवार को इंटरनेट ...और पढ़ें

HighLights
- हाई कोर्ट ने बुधवार को एक्स (ट्विटर) को लगाई फटकार।
- रजत शर्मा द्वारा कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दायर मानहानि से जुड़ा मामला।
- कनाडाई अदालत के आदेशों का भी एक्स द्वारा पालन नहीं किया-कोर्ट।
विनीत त्रिपाठी, नई दिल्ली। पत्रकार रजत शर्मा से जुड़े मामले में कांग्रेस नेताओं के पोस्ट हटाने का निर्देश देने के खिलाफ दायर अपील याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) को फटकार लगाई है। इसमें आरोप लगाया गया था कि पत्रकार रजत शर्मा ने लाइव-टेलीविजन पर कांग्रेस नेता रागिनी नायक के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था।
हम आपको को लेकर थोड़े चिंतित-अदालत
मामले पर सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने टिप्पणी की कि एक्स को एक तटस्थ मध्यस्थ माना जाता है लेकिन उसका आचरण तटस्थता नहीं दिखाता है। पीठ ने कहा कि हम आपको को लेकर थोड़े चिंतित हैं।
आप किसी मध्यस्थ की तरह नहीं कर रहे व्यवहार-हाईकोर्ट
आप किसी मध्यस्थ की तरह व्यवहार नहीं कर रहे हैं। आपको एक तटस्थ मंच की तरह व्यवहार करना चाहिए। पीठ ने कहा कि यह न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय प्रवृत्ति है। यहां तक कि कनाडाई अदालत के आदेशों का भी एक्स द्वारा पालन नहीं किया गया।
न्यायमूर्ति गेडेला ने पूछा कि मध्यस्थ आदेश का विरोध क्यों कर रहा है, खासकर ऐसे मामले में जहां किसी की प्रतिष्ठा शामिल है? इसके जवाब में एक्स की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राजशेखर राव ने कहा कि एक्स किसी की तरफ नहीं है, उसकी चिंता बस आदेश पारित करने के तरीके से है। पूरा मामला रजत शर्मा द्वारा कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दायर मानहानि मामले से जुड़ा है।
