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    दिल्ली में कम नहीं हो रहे अवैध बांग्लादेशी, इस हालत में दबोचा गया रोहिंग्या, कर रहा था ये काम

    By rais rais Edited By: Rajesh Kumar
    Updated: Sun, 16 Mar 2025 03:03 PM (IST)

    आरके पुरम में स्क्रैप खरीदने के लिए घूम रहे एक अवैध बांग्लादेशी को पुलिस ने पकड़ा है। आरोपी ने 2022 में बेनापोल-पेट्रापोल बॉर्डर के जरिए घुसपैठ की थी। वह कोलकाता से ट्रेन के जरिए दिल्ली पहुंचा था। पुलिस आरोपी को एफआरआरओ के जरिए वापस बांग्लादेश भेज रही है। पुलिस से बचने के लिए अवैध बांग्लादेशी लगातार ठिकाने बदल रहा था।

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    आरके पुरम में अवैध बांग्लादेशी स्क्रैप संग्रहकर्ता पकड़ा गया। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। आरके पुरम थाने की टीम ने इलाके में स्क्रैप खरीदने के लिए घूम रहे एक अवैध बांग्लादेशी को पकड़ा है। आरोपी ने 2022 में बेनापोल-पेट्रापोल बॉर्डर के जरिए घुसपैठ की थी। वह कोलकाता से ट्रेन के जरिए दिल्ली पहुंचा था।

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    पुलिस से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदल रहा था। पुलिस आरोपी को एफआरआरओ (विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय) के जरिए वापस बांग्लादेश भेज रही है।

    दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि 13 मार्च को आरके पुरम थाने की टीम को सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति बाजार से कबाड़ खरीदने के लिए मोहम्मदपुर गांव में घूम रहा है। टीम ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया।

    बांग्लादेश का निकला 

    प्रारंभिक पूछताछ में उसने दावा किया कि वह मालदा, पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। हालांकि सत्यापन के बाद उसकी असली पहचान अफजुद्दीन गाजी उर्फ ​​गाजी निवासी गांव सैगुरा थाना मुंसीगंज जिला ढाका (बांग्लादेश) के रूप में हुई।

    आरोपी अफजुद्दीन ने अपने गांव के मदरसे से दूसरी कक्षा तक पढ़ाई की है। उसके दो भाई और दो बहन हैं। उसने दलाल रफीक के जरिए बेनापोल-पेट्रापोल सीमा पार की थी, जिसके लिए उसने 4000 रुपये लिए थे। रफीक ने रात में कंटीले तारों की बाड़ काट दी थी, जिसके जरिए वह और तीन अन्य लोग सीमा पार कर घुसपैठ कर गए थे।

    सुबह उन्हें आगे की यात्रा के लिए पास के बस टर्मिनल पर ले जाया गया। वहां से सभी कोलकाता पहुंचे, जहां से उन्होंने ट्रेन पकड़ी और दिल्ली आ गए। यहां उन्होंने विभिन्न जगहों पर काम किया। पहले वह पुरानी दिल्ली में कूड़ा बीनने का काम करता था।

    अलग-अलग कॉलोनियों से खरीदता था कबाड़

    फिर उसने अलग-अलग बाजारों और कॉलोनियों से कबाड़ खरीदना शुरू कर दिया। पुलिस ने आरोपी अफजुद्दीन गाजी उर्फ ​​गाजी को एफआरआरओ, आरके पुरम के समक्ष पेश किया।

    एफआरआरओ के उप निदेशक ने विदेशी अधिनियम, 1948 के तहत भारत में उसकी आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया और उसे बांग्लादेश भेजे जाने तक सेवा सदन, शहजादा बाग में रखने का आदेश दिया।

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