यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
IIT Delhi में नए केंद्र की शुरुआत, AI-Health Tech और बायो-इंजीनियरिंग की प्रगति को मिलेगी गति
आईआईटी दिल्ली में प्रिसिजन और पर्सनलाइज्ड हेल्थकेयर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया गया। यह केंद्र एआई-आधारित हेल्थ टेक और ...और पढ़ें

HighLights
- आईआईटी दिल्ली में उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन
- स्वास्थ्य नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मिलेगी गति
- सस्ते और सुलभ तकनीकों का होगा विकास
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आईआईटी दिल्ली में Precision and Personalized Healthcare Center of Excellence का उद्घाटन किया गया, जो भारत के चिकित्सा नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को नई गति देगा।
वाधवानी इनोवेशन नेटवर्क के तहत स्थापित यह केंद्र, एआई-आधारित हेल्थ टेक, बायोटेक्नोलाॅजी और बायो-इंजीनियरिंग में प्रगति को तेज करने पर केंद्रित है। ताकि आईआईटी दिल्ली की प्रयोगशालाओं में किया गया अत्याधुनिक शोध शीघ्र ही वास्तविक रोगियों तक पहुंच सके।
केंद्र ने स्वास्थ्य नवाचारों पर कार्य प्रारंभ कर दिया है और उच्च प्रभाव वाले शोध को बाजार-उपयुक्त समाधानों में बदलने के लिए समर्पित है, जिससे देश की तात्कालिक और बदलती चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
उद्घाटन समारोह में देश के नवाचार और स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञ शामिल हुए। परियोजना के पहले चरण में केंद्र व्यक्तिगत दवा और पुनर्वास, बायो-इमेजिंग और एआई-आधारित डायग्नोस्टिक उपकरण, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए सहायक तकनीक, व्यक्तिगत इम्प्लांट, सस्ते पहनने योग्य उपकरण और नवीन डायग्नोस्टिक समाधान जैसे क्षेत्रों पर काम करेगा।
केंद्र का उद्देश्य ऐसी तकनीकों का विकास करना है, जो न केवल अत्याधुनिक हों बल्कि किफायती और सुलभ भी हों, ताकि उन्नत शोध और वास्तविक जीवन के उपयोग के बीच की खाई को कम किया जा सके।
इस पहल के तहत शैक्षणिक संस्थान, उद्योग और सरकारी एजेंसियां मिलकर एक ऐसा सहयोगी मंच तैयार करेंगी, जो प्रयोगशाला से बाजार तक नवाचारों को तेजी से ले जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का अंतिम लक्ष्य रोगियों के उपचार परिणामों में सुधार करना, बीमारियों का बोझ घटाना और भारत को स्वास्थ्य नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व प्रदान करना है, साथ ही मेडिकल टेक्नोलाॅजी में गुणवत्ता, किफ़ायत और पहुंच के नए मानक स्थापित करना है।
