विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बाबा के आश्रम में है अंडर ग्राउंड मार्ग, युवतियों के सेल तक जाता है रास्‍ता

By Ramesh MishraEdited By:
Published: Fri, 22 Dec 2017 11:28 AM (IST)Updated: Mon, 25 Dec 2017 09:26 AM (IST)

बाबा ने आश्रम में अंडर ग्राउंड रास्‍ता बना रखा था। आश्रम के अंदर आगमन के लिए बाबा इस रास्‍ते का इस्‍तेमाल करता था

बाबा के आश्रम में है अंडर ग्राउंड मार्ग, युवतियों के सेल तक जाता है रास्‍ता
बाबा के आश्रम में है अंडर ग्राउंड मार्ग, युवतियों के सेल तक जाता है रास्‍ता

नई दिल्ली [ जेएनएन ]। रोहिणी के बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित का आश्रम युवतियों के लिए किसी सेक्‍स जेल से कम नहीं है। उसकी अपनी एक अलग दुनिया है। यहां लड़कियों को बंधक बनाकर रखा जाता था और जमकर यौन शोषण किया जाता था। आखिर क्‍या है बाबा का और उसके आध्यात्मिक विश्वविद्याल का सच।

आश्रम में अंडर ग्राउंड रास्‍ते से बाबा करता था खेल

बाबा का आश्रम एक किले की तरह था। इसमें परिंदा भी पर नहीं मार सकता था। सुरक्षा के लिहाज से बाबा ने आश्रम में अंडर ग्राउंड रास्‍ता बना रखा था। आश्रम के अंदर आगमन के लिए बाबा इस रास्‍ते का इस्‍तेमाल करता था। मुख्‍य आश्रम को भागों में बांटा गया था। मेन आश्रम में युवतियां रहती थी और एक अन्‍य में पुरुष रहते थे। आश्रम से कोई युवती बाहर नहीं जा सकती थी। इसके लिए बाबा ने बाकयादा आश्रम के अंदर सारे इंतजमा कर रखा था। आश्रम के अंदर ही कपड़ा सिलने के लिए टेलर और धोबी का इंतजाम था।

यह भी पढ़ें: राम रहीम-आसाराम के बाद दुष्कर्म के आरोप में घिरा एक और बाबा

लग्‍जरी गाडि़यों से गुलजार रहता था आश्रम

बाबा के पड़ोसियों को यहां दिनभर लग्‍जरी गाडि़यों का काफ‍िला दिखता था। गाडि़यों के आने और जाने का यह सिलसिला देर रात तक चलता था। इन गाडि़यों में युवतियां आती जाती थीं। बाबा के पड़ोसी आश्रम का यह सारा खेल देखते थे, लेकिन अपनी जुबान बंद करके रखते थे। आश्रम में ज्यादातर गाड़ियां देर रात को आया करती थीं। इन गाड़ियां पर हरियाणा, मध्य प्रदेश और उड़ीसा का नंबर होता था। आश्रम में मौजूद युवतियों की जांच के बाद एक यह भी सच सामने आया कि उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। कुछ तो बदहवास हालत में मिलीं। डॉक्टरों की टीम ने बताया है कि बंधक बनाकर रखी गईं कई लड़कियों को इलाज की जरूरत है।

बाबा की चंगुल में फंस गई 12 साल की बच्ची

बाबा के लिए कोई उम्र का बंधन नहीं था। आश्रम के खिलाफ केस लड़ रहे एक परिवार की 12 साल की बच्ची बाबा के आश्रम में फंस गई थी। बच्ची को बाबा गलत तरीके से छूता था। बाबा कहता था कि मैं भगवान कृष्ण हूं। जैसे उनके कई रानियां थीं, तुम मेरी रानी बन जाओ। आश्रम की जांच के लिए जनहित याचिका दायर करने वाले एनजीओ की फाउंडर सीमा शर्मा के मुताबिक, कई लड़कियों ने बताया कि बाबा खुद को शिव बताता था। लड़कियों का ब्रेन वॉश कर दिया जाता था। बाबा लड़कियों से कहता था कि अगर वे उनसे शारीरिक संबंध बनाएंगी तो पार्वती बन जाएंगी और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होगी।


 

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।