बिजली को लेकर बढ़ रहा राजनीतिक दलों का तापमान, आतिशी के आरोप पर वीरेंद्र सचदेवा का पलटवार
बिजली कटौती को लेकर दिल्ली में सियासी पारा चढ़ गया है। आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं। आप नेता आतिशी ने भाजपा सरकार पर बड़े स्तर पर बिजली कटौती करने का आरोप लगाया है जबकि भाजपा का कहना है कि पिछले सालों में बिजली व्यवस्था का बेहतर होना केंद्र की भाजपा सरकार की देन है।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। अभी गर्मी ठीक से शुरू भी नहीं हुई है कि बिजली को लेकर राजनीतिक दलों का तापमान बढ़ रहा है। एक तरफ आम आदमी पार्टी दिल्ली में बड़े स्तर पर बिजली कटौती शुरू हो जाने की आरोप लगा रही है तो उधर भाजपा भी उसकी भाषा में ही उसे जवाब दे रही है। बिजली कट के बारे में आंकड़े प्रस्तुत कर आप को ही घेर रही है। भाजपा का यह भी कहना है कि पिछले सालाें में बिजली व्यवस्था का बेहतर होना भी केंद्र की भाजपा सरकार की देन रही है।
दो दिन पहले बिजजी को लेकर हो चुके आराेप प्रत्यारोप के बाद आप नेता आतिशी ने सोमवार को फिर बड़े स्तर पर बिजली कटौती का आराेप लगाया। आतिशी ने कहा कि भाजपा सरकार की दिल्ली को 24 घंटे बिजली देने की न नीयत है और ना ही योग्यता है। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता में आए मात्र एक महीना हुआ है और रोज दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में चार से आठ घंटे के पावरकट लगना आम बात हो गई है। उन्हाेंने दावा किया कि दिल्ली में आप सरकार के 10 सालों से 24 घंटे बिजली आई, लेकिन भाजपा सरकार बनते ही ये व्यवस्था फेल हो गई है।
बीते दस साल में सिर्फ घोटालेबाजी: वीरेंद्र सचदेवा
उधर, आतिशी के आरोप पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पलटवार कहते हुए कहा कि यह खेदपूर्ण है कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने 2015 से 2025 के बीच बिजली आपूर्ति के नाम पर केवल घोटालेबाजी की है।उन्होंने कहा कि आतिशी बतायें कि क्या यह सच नही है कि दिल्ली में 24 घंटे बिजली अपूर्ति के दावे को दिखाते दिखाते अरविंद केजरीवाल सरकार ने निजी कम्पनियों के साथ मिलकर बिजली सब्सिडी एवं पी.पी.ए.सी. घोटाले किये।
दिल्ली में नए विद्युत प्लांट लगाने का काम जेटली ने किया
उन्होंने कहा कि जिन बिजली व्यवस्था का आतिशी श्रेय लेना चाहती हैं। इसकी नींव 2014 में राष्ट्रपति शासन के समय उस समय के केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रख दी थी। जब उन्होंने बजट में दिल्ली के लिए बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर में इन्वेस्टमेंट पर जोर देते हुए 675 करोड़ की इन्वेस्टमेंट नये विद्युत प्लांट लगाने पर और 200 करोड़ दिल्ली में बिजली ट्रांसफार्मर एवं तारों के सुदृढीकरण पर केंद्र की ओर से दिये थे।
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