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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केजरीवाल पर भड़के कांग्रेस सांसद- 'फोन टैपिंग के सबूत दें या फिर मांगें माफी'

By JP YadavEdited By:
Published: Tue, 01 Nov 2016 10:44 AM (IST)Updated: Tue, 01 Nov 2016 09:48 PM (IST)

'मैंने सुना है जजों के फोन टैप हो रहे हैं' कहकर सनसनी फैलाने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर अब कांग्रेस ने भी हमला बोला है।

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नई दिल्ली (जेएनएन)। 'मैंने सुना है जजों के फोन टैप हो रहे हैं, यह न्यायपालिका पर सबसे बड़ा हमला है' कहकर सनसनी फैलाने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर अब कांग्रेस ने भी हमला बोला है। कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ वकील केटीएस तुलसी ने आज कहा कि फोन टैपिंग का आरोप लगाने वाले केजरीवाल इसे प्रमाणित करें या फिर अपने इस बयान के लिए माफी मांगे।

वर्ष 2014 में राज्यसभा सांसद के लिए मनोनीत होने वाले केटीएस तुलसी पहले ऐसे कांग्रेसी नेता हैं, जिन्होंने आम आदमी पार्टी सुप्रीमो को इस मुद्दे पर कटघरे में खड़ा किया है।

गौरतलब है कि केजरीवाल ने कल यानी 31 अक्टूबर को दिल्ली उच्च न्यायालय की स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान अप्रत्यक्ष रूप से केंद्र सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि मैंने सुना है कि जजों के फोन टैप किए जा रहे हैं। यह ‘व्यापक तौर पर’ फैला हुआ है कि जजों के फोन टैप किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि यह बात सच है तो यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सबसे बड़ा हमला है।

हालांकि, केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के लिए न्यायपालिका की स्वतंत्रता मूलभूत है और इससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

केजरीवाल ने दावा किया था कि जजों के साथ अपनी बैठकों में उन्होंने ‘उन्हें (जजों को) आपस में एक-दूसरे से यह कहते हुए सुना है कि उन्हें फोन पर बात नहीं करनी चाहिए क्योंकि उन्हें टैप किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा था कि जब उन्होंने जजों को बताया कि उनके फोन टैप नहीं किए जा सकते, तो ‘उन्होंने जवाब में कहा कि सभी फोन टैप किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं जानता कि यह बात सच है या नहीं लेकिन इस बात का डर व्यापक तौर पर फैला हुआ है। यदि यह सच है कि फोन टैप किए जा रहे हैं तो जजों को प्रभावित किया जा सकता है।

केजरीवाल ने ये बातें दिल्ली उच्च न्यायालय की स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान कही, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधान न्यायाधीश टी एस ठाकुर ने भी शिरकत की थी। केजरीवाल ने कहा कि यदि किसी जज ने कोई गलत काम किया भी है तो भी फोन टैपिंग को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा था कि गलत काम के बारे में सबूत जुटाने के कई अन्य तरीके हैं वरना यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सबसे बड़ा हमला होगा।

जानें कौन हैं केटीएस तुलसी

पंजाब के कपूरथला जिले के गांव बादशाहपुर व होशियारपुर में जन्म लेने वाले प्रख्यात वकील और देश के पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया पद पर रहे 67 वर्षीय एडवोकेट केटीएस तुलसी वर्ष 2014 में बतौर राज्यसभा सांसद मनोनीत हुए हैं।

मनोनीत राज्यसभा सांसद केटीएस तुलसी का जन्म 1947 में होशियारपुर में हुआ था। उनके पिता गुरबचन सिंह तुलसी देश के विभाजन के समय साल 1947 से लेकर 1950 तक होशियारपुर में डिस्ट्रिक अटार्नी के पद पर तैनात रहे।

साल 1950 में गुरबचन सिंह तुलसी का तबादला लुधियाना होने पर केटीएस तुलसी का स्कूली पढ़ाई लुधियाना में हुआ था। केटीएस तुलसी की मां बलजीत कौर तुलसी गवर्नमेंट कॉलेज चंडीगढ़ में बतौर प्रिंसिपल पद पर रहते हुए रिटायर हुई थी।