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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Salary Crisis: दिल्ली के 12 कॉलेजों में फंड की कमी, शिक्षकों को 30-50 हजार रुपये कम मिल रही सैलरी

By GeetarjunEdited By:
Published: Fri, 09 Sep 2022 04:26 PM (IST)Updated: Fri, 09 Sep 2022 05:57 PM (IST)

Delhi College Fund Crisis दिल्ली के 12 कॉलेजों में शिक्षकों को सैलरी के संकट का सामना करना पड़ रहा है। ...और पढ़ें

दिल्ली के 12 कॉलेजों में फंड की कमी, शिक्षकों पर सैलरी संकट
दिल्ली के 12 कॉलेजों में फंड की कमी, शिक्षकों पर सैलरी संकट

नई दिल्ली, जागरण डिजिटल डेस्क। नई दिल्ली [मनीषा गर्ग]। पर्याप्त फंड उपलब्ध नहीं होने के कारण द्वारका सेक्टर-3 स्थित दीनदयाल उपाध्याय कालेज (डीडीयू) के प्रोफेसर्स को जुलाई माह का पूरा वेतन नहीं मिल पाया है। पूरा वेतन नहीं मिलने के कारण प्रोफेसर्स में रोष व्याप्त है। कॉलेज प्रशासन का कहना हैं कि कालेज में टीचिंग व नान-टीचिंग में करीब 200 कर्मचारी है।

इन सभी के वेतन के लिए करीब 20 करोड़ रुपये फंड सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन जुलाई माह में वेतन के लिए केवल 17.5 करोड़ रुपये ही सरकार की ओर से दिए गए हैं, जिसके कारण प्रशासन टीचिंग स्टाफ को जुलाई माह का पूरा वेतन दे पाने में असमर्थ है।

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30 से 50 हजार रुपये कम दी सैलरी

यही कारण है कि सहायक प्रोफेसर्स को 30 हजार रुपये और एसोसिएट प्रोफेसर्स को 50 हजार रुपये कम वेतन दिया गया है। जैसे ही सरकार से कालेज को फंड उपलब्ध होता है प्रोफेसर्स को उनका पूरा वेतन दे दिया जाएगा।

डीडीयू कॉलेज के शिक्षकों को हो रही समस्या

असल में लंबे समय से डीडीयू (दीन दयाल उपाध्याय) कॉलेज पर्याप्त फंड नहीं मिलने के कारण विभिन्न स्तर पर चुनौतियों का सामना कर रहा है। पर्याप्त फंड के अभाव में कर्मचारियों को समय से वेतन नहीं मिल पा रहा है। कालेज में कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष प्रो. पीके झा बताते हैं कि यह स्थिति बीते तीन वर्षों से कायम है।

दिल्ली सरकार द्वारा सचालित कॉलेजों में समस्या

खासकर उन 12 कॉलेज में जो दिल्ली सरकार द्वारा संचालित हैं। समय से कर्मचारियों को उनका वेतन मिले इसके लिए कई बार कालेज परिसर व मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया गया है। पहले गवर्निंग बाडी नहीं होने का बहाना बनाया जाता था, पर अब जब गवर्निंग बाडी बने हुए एक वर्ष हो चुका है, तब भी समस्या जस की तस कायम है।

पीएफ फंड से पैसे निकालने को मजबूर शिक्षक

समय से वेतन नहीं मिलने के कारण कई प्रोफेसर्स पीएफ फंड से पैसे निकालकर घर खर्च चलाने को मजबूर हैं। जुलाई का आधा वेतन आया है और अगस्त का वेतन कब आएगा उसका कुछ अता-पता नहीं है।

दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) के अध्यक्ष प्रो. एके भागी ने बताया कि पर्याप्त फंड के अभाव में बीते दो वर्षों से दिल्ली सरकार द्वारा संचालित 12 कॉलेजों में प्रोफेसर्स का वेतन काटा जा रहा है। इस बाबत डूटा ने कई बार मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया है, पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। उन्होंने मांग की इन कॉलेजों को केंद्र सरकार खुद संचालित करें।