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    दिल्लीवालों को लगा महंगाई का झटका, अब चुकाना होगा अधिक बिजली का बिल; ये होंगी शर्तें

    Updated: Sat, 10 May 2025 10:28 PM (IST)

    Delhi Electricity Bill Hike दिल्ली में बिजली की दरों में बदलाव नहीं हुआ है लेकिन पीपीएसी बढ़ने से उपभोक्ताओं को अधिक बिल देना होगा। डीईआरसी ने बीएसईएस बीआरपीएल और टीपीडीडीएल को पीपीएसी वसूलने की अनुमति दी है। 200 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वालों पर इसका असर नहीं होगा लेकिन अन्य उपभोक्ताओं का बिल बढ़ेगा जिसका आरडब्ल्यूए विरोध कर रहे हैं।

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    पीपीएसी बढ़ने से महंगा होगा बिजली बिल। फाइल फोटो

    संतोष कुमार सिंह, नई दिल्ली। दिल्ली में बिजली की नई दरें तो घोषित नहीं हुई है, लेकिन बिजली खरीद समायोजन शुल्क (पीपीएसी) बढ़ने से उपभोक्ताओं को अधिक बिल चुकाना होगा। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) ने बीएसईएस यमुना पावर (बीवाईपीएल) को 13.33 प्रतिशत।

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    बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल) 13.54 प्रतिशत और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) को 19.22 प्रतिशत पीपीएसी वसूलने का अनुमति दे दी है।

    प्रति माह दो सौ यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को शून्य बिजली बिल भेजा जाता है। इस कारणउनके ऊपर इस वृद्धि का कोई असर नहीं पडे़गा, लेकिन अन्य उपभोक्ताओं को अधिक बिल चुकाना होगा।

    रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) ने इस वृद्धि का विरोध किया है। पिछले वर्ष गर्मी के दिनों में पीपीएसी बढ़ाने को लेकर खूब राजनीति हुई थी। भाजपा ने तत्कालीन आम आदमी पार्टी की सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था। अब उसकी सरकार के कार्यकाल में भी उपभोक्ताओं पर इसका बोझ डाल दिया गया।

    यूनाइटेड रेजिडेंट आफ दिल्ली के महासचिव सौरभ गांधी ने कहा, डीईआरसी बिजली की नई दरें घोषित नहीं कर रहा है। पिछले दरवाजे से उपभोक्ताओं पर बोझ डाला जा रहा है। सरकार बदलने से बिजली वितरण कंपनियों की मनमानी पर अंकुश लगने की उम्मीद थी।

    लेकिन उपभोक्ताओं को निराशा हुई। पीपीएसी बढ़ाने में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। इस वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। इसे लेकर आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधि ऊर्जा मंत्री आशीष सूद से मिलेंगे।

    वहीं, बिजली अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार के नियम के अनुसार डीईआरसी पीपीएसी बढ़ाने का निर्णय लेता है। ईंधन के दाम बढ़ने से डिस्काम को बिजली उत्पादन करने वाली कंपनियों से बढ़े हुए मूल्य पर बिजली खरीदनी पड़ती है। उपभोक्ताओं को बेची जाने वाली बिजली की दरें इस अनुपात में नहीं बढ़ती हैं।

    इस घाटे की भरपाई के लिए डिस्काम को उपभोक्ताओं से पीपीएसी वसूलने की अनुमति दी जाती है। डिस्काम का कहना है कि नौ नवंबर, 2021 को बिजली मंत्रालय द्वारा जारी निर्देश के अनुसार सभी राज्यों के विद्युत विनियामक आयोग को यह व्यवस्था बनानी है जिससे कि बिजली के दाम बढ़ने पर डिस्काम को बिना आवेदन के पीपीएसी वसूलने की अनुमति मिल जाए।

    दिल्ली में 2012 से यह व्यवस्था लागू है। बिजली अधिकारियों का यह भी कहना है संसद में 2003 से पारित अधिनियम के अनुसार डिस्काम गर्मी में बिजली की बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए10 प्रतिशत तक पीपीएसी बढ़ा सकती हैं।

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