विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Water Crisis: दिल्ली में क्यों हो रही पानी की किल्लत? सामने आई बड़ी वजह

By Santosh Kumar Singh Edited By: Rajesh Kumar
Published: Thu, 01 May 2025 06:00 AM (IST)

दिल्ली में पानी की किल्लत का कारण पंजाब और हरियाणा के बीच जल बंटवारे का विवाद है। भाखड़ा बांध से ...और पढ़ें

पंजाब व हरियाणा की लड़ाई से दिल्ली में जल संकट का खतरा। फाइल फोटो
पंजाब व हरियाणा की लड़ाई से दिल्ली में जल संकट का खतरा। फाइल फोटो

संतोष कुमार सिंह, नई दिल्ली। पंजाब और हरियाणा के बीच पानी के बंटवारे को लेकर विवाद के चलते दिल्ली में पानी की आपूर्ति बाधित हो सकती है। पंजाब के भाखड़ा बांध के जलाशय से दिल्ली को 270 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) पानी मिलता है।

इससे दिल्ली के करीब 76 लाख लोगों को पानी मिलता है। अगर यह पानी नहीं मिला तो इस गर्मी में दिल्ली में पानी का संकट हो सकता है। पंजाब द्वारा पानी रोके जाने को भाजपा ने आम आदमी पार्टी की राजनीतिक साजिश करार दिया है।

जल संकट को लेकर खूब राजनीति

दिल्ली के सभी नागरिकों को पीने का पानी मुहैया कराना एक बड़ी चुनौती है। दिल्लीवासियों को हर साल पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है। पिछले साल जल संकट को लेकर खूब राजनीति हुई थी। तत्कालीन आप सरकार ने हरियाणा पर दिल्ली को उसके हिस्से का पानी नहीं देने का आरोप लगाया था।

मामला सुप्रीम कोर्ट में गया था। इस बार आप सत्ता से बाहर है। भाजपा सरकार के सामने पेयजल आपूर्ति की चुनौती है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और जल मंत्री प्रवेश वर्मा पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें कर रहे हैं।

दिल्ली जल बोर्ड की चिंता बढ़ी

पानी की चोरी रोकने के उपाय किए जा रहे हैं। इन सबके बीच भाखड़ा जलाशय से पानी के बंटवारे को लेकर पंजाब और हरियाणा के बीच विवाद से दिल्ली सरकार और दिल्ली जल बोर्ड की चिंता बढ़ गई है।

दिल्ली के लिए चिंता की वजहें भी हैं। दिल्ली के पास पानी का अपना कोई स्रोत नहीं है। वह अपनी 90 फीसदी पानी की जरूरतों के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर है। यहां के लोगों की प्यास हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से मिलने वाले पानी से बुझती है।

दिल्ली को करीब 1290 मिलियन एमजीडी पानी की जरूरत है। इसके मुकाबले करीब एक हजार एमजीडी पानी उपलब्ध है। पंजाब के भाखड़ा जलाशय से हरियाणा को मिलने वाले पानी में से 500 क्यूसेक पानी दिल्ली को दिया जाता है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि पंजाब द्वारा पानी रोके जाने से दिल्ली में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होगी।

दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा का कहना है कि पंजाब की भगवंत मान सरकार आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इशारे पर पानी की आपूर्ति रोक रही है। दिल्ली की जनता केजरीवाल और उनकी पार्टी को नकार चुकी है। इसका बदला लेने के लिए वे दिल्ली में जल संकट पैदा करना चाहते हैं।

दिल्ली को उपलब्ध पानी

दिल्ली को यमुना, भाखड़ा जलाशय, गंगा (उत्तर प्रदेश) और दिल्ली जल बोर्ड के ट्यूबवेल और रेनीवेल से पानी मिलता है। भाखड़ा और यमुना का पानी हरियाणा से दिल्ली सब ब्रांच (डीएसबी) और कैरियर लाइन चैनल (डीएसबी) नहर के ज़रिए दिल्ली लाया जाता है और गंगा का पानी उत्तर प्रदेश से गंग नहर के ज़रिए दिल्ली लाया जाता है।

इस तरह से दिल्ली पहुंचता है पानी

  • दिल्ली सब ब्रांच (डीएसबी) -178 एमजीडी
  • कैरियर लाइन चैनल (सीएलसी)- 369 एमजीडी
  • ऊपरी गंगा नहर- 254 एमजीडी
  • ट्यूबवेल और रेनीवेल-135 एमजीडी
  • कुल-936 एमजीडी

इसके अतिरिक्त लगभग 100 एमजीडी सीधे यमुना नदी से भी पानी लिया जाता है।

यह भी पढ़ें: Delhi News: दिल्ली के अस्पतालों में 1 मई से आभा आईडी अनिवार्य, लोगों को मिलेगा ये लाभ