Delhi Election : इस बार आपराधिक मामलों वाले विधायकों की संख्या में आई कमी, यहां जानें तीन सबसे अमीर नेताओं के नाम
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और दिल्ली इलेक्शन वॉच ने विधानसभा चुनाव लड़ने वाले सभी 699 उम्मीदवारों द्वारा प्रस्तुत हलफनामों का विश्लेषण किया। इसके अनुसार गंभीर आपराधिक मामलों वाले विजयी उम्मीदवारों की संख्या चिंता का विषय बनी हुई है। विश्लेषण में पाया गया कि 17 नवनिर्वाचित उम्मीदवार गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे थे जिनमें हत्या के प्रयास और महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामले शामिल हैं।
पीटीआई, नई दिल्ली। चुनाव अधिकार संस्था एडीआर के अनुसार आठवीं दिल्ली विधानसभा के लिए निर्वाचित 70 उम्मीदवारों में से 31 ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। बता दें कि यह आंकड़ा सातवीं विधानसभा में आपराधिक मामलों की घोषणा करने वाले 43 विधायकों से कम है।
एडीआर की रिपोर्ट
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और दिल्ली इलेक्शन वॉच ने विधानसभा चुनाव लड़ने वाले सभी 699 उम्मीदवारों द्वारा प्रस्तुत हलफनामों का विश्लेषण किया। इसके अनुसार, गंभीर आपराधिक मामलों वाले विजयी उम्मीदवारों की संख्या चिंता का विषय बनी हुई है।
विश्लेषण में पाया गया कि 17 नवनिर्वाचित उम्मीदवार गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे थे, जिनमें हत्या के प्रयास और महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामले शामिल हैं।
2020 के चुनाव में, विजयी हुए 37 उम्मीदवारों ने गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए। 2025 में एक नवनिर्वाचित विधायक ने हत्या के प्रयास से संबंधित मामले घोषित किए हैं, जबकि दो अन्य महिलाओं के खिलाफ अपराध के आरोपों का सामना कर रहे हैं।
पार्टी-वार विश्लेषण से पता चलता है कि भाजपा के 48 विधायकों में से 16 और आप के 22 विधायकों में से 15 के नाम पर आपराधिक मामले हैं। भाजपा के सात और आप के 10 विधायक गंभीर आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे हैं। विधानसभा चुनाव के नतीजे शनिवार को घोषित किए गए।
विश्लेषण के अनुसार, 70 नवनिर्वाचित विधायकों की कुल संपत्ति 1,542 करोड़ रुपये है। 2020 में प्रति उम्मीदवार औसत संपत्ति 14.29 करोड़ रुपये से बढ़कर 22.04 करोड़ रुपये हो गई है।
भाजपा के विधायक संपत्ति चार्ट पर हावी
भाजपा के विधायक संपत्ति चार्ट पर हावी हैं, जिनकी औसत संपत्ति 28.59 करोड़ रुपये है, जबकि AAP के पास 7.74 करोड़ रुपये हैं। 115 करोड़ रुपये से 259 करोड़ रुपये की संपत्ति वाले तीन भाजपा उम्मीदवार विजयी हुए।
इसके विपरीत, AAP के तीन विजेताओं ने 20 लाख रुपये से कम की संपत्ति घोषित की। विश्लेषण के अनुसार, जीतने वाले 44 प्रतिशत उम्मीदवारों के पास 10 करोड़ रुपये या उससे अधिक की संपत्ति है, जबकि केवल 3 प्रतिशत की कुल संपत्ति 20 लाख रुपये से कम है।
तेईस विजयी उम्मीदवारों ने 1 करोड़ रुपये या उससे अधिक की देनदारियों की घोषणा की, जिसमें भाजपा के परवेश वर्मा 74 करोड़ रुपये की देनदारियों के साथ चार्ट में सबसे ऊपर हैं।
भाजपा के तीन विधायक टॉप पर
तीन सबसे अमीर विधायक करनैल सिंह हैं, जिनकी संपत्ति 259.67 करोड़ रुपये है, मनजिंदर सिंह सिरसा हैं, जिनकी संपत्ति 248.85 करोड़ रुपये है और वर्मा हैं, जिनकी संपत्ति 115.63 करोड़ रुपये है। तीनों विधायक भाजपा के हैं।
स्नातक या उससे अधिक की डिग्री
विश्लेषण के अनुसार, 64 प्रतिशत नए विधायकों के पास स्नातक या उससे अधिक की डिग्री है, जबकि 33 प्रतिशत ने अपनी शैक्षणिक योग्यता कक्षा 5 से कक्षा 12 के बीच घोषित की है। आयु के संदर्भ में, 67 प्रतिशत विजयी उम्मीदवार 41 से 60 वर्ष के बीच हैं, जबकि 20 प्रतिशत 60 वर्ष से अधिक आयु के हैं।
हालांकि, लिंग प्रतिनिधित्व कम रहा, केवल पांच महिलाएं चुनी गईं, जो 2020 में आठ से कम है। विश्लेषण ने फिर से चुने गए विधायकों की संपत्ति में वृद्धि को भी उजागर किया। सदन में फिर से चुने गए 22 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 2020 में 7.04 करोड़ रुपये से 25 प्रतिशत बढ़कर 2025 में 8.83 करोड़ रुपये हो गई।
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