विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi News: नालों की सफाई में नहीं होगी देरी, अब इन्हें मिली सफाई की जिम्मेदारी

By Vineet Tripathi Edited By: Rajesh Kumar
Published: Sun, 20 Apr 2025 07:32 PM (IST)

एनजीटी ने दिल्ली के कुशक सुनहरी और डिफेंस कॉलोनी के नालों की सफाई की जिम्मेदारी तय की। डिफेंस कॉलोनी के ...और पढ़ें

कुशक, सुनहरी व डिफेंस कालोनी नाले की सफाई की जिम्मेदारी तय। फाइल फोटो
कुशक, सुनहरी व डिफेंस कालोनी नाले की सफाई की जिम्मेदारी तय। फाइल फोटो

HighLights

  1. डिफेंस कॉलोनी के नालों की सफाई एमसीडी करेगी
  2. कुशक व सुनहरी नालों की जिम्मेदारी विभाजित

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। अब कुशक, सुनहरी और डिफेंस कॉलोनी के नालों की सफाई न होने पर अधिकारी एक-दूसरे पर आरोप नहीं लगा सकेंगे। तीनों नालों की सफाई की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। दक्षिणी दिल्ली क्षेत्र में डिफेंस कॉलोनी के सभी ढके हुए और खुले नालों की सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम (एमसीडी) की होगी।

इन्हें मिली नालों की सफाई की जिम्मेदारी

वहीं, कुशक और सुनहरी नालों की जिम्मेदारी एमसीडी और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग (आईएफसीडी) की होगी। ढके हुए नालों की सफाई की जिम्मेदारी एमसीडी की होगी, जबकि खुले नालों की सफाई की जिम्मेदारी आईएफसीडी की होगी।

यह जानकारी दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव ने नालों की सफाई से संबंधित निजामुद्दीन वेस्ट एसोसिएशन की अर्जी पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) को दी। एनजीटी के चेयरमैन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली बेंच ने उक्त जानकारी पर गौर करते हुए कहा कि अब एमसीडी को ढके हुए नालों की सफाई की जिम्मेदारी को लेकर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए।

जल बोर्ड सफाई के काम में करेगी सहयोग

एनजीटी ने यह भी रिकॉर्ड पर लिया कि दिल्ली जल बोर्ड ने सफाई के काम में एमसीडी को पूरा सहयोग देने की बात कही है।

एनजीटी ने सभी एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि नालों की सफाई से निकलने वाली गाद का उचित तरीके से निपटान किया जाए।

एनजीटी ने कहा कि गाद को उचित तरीके से दूसरी जगहों पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए ताकि इससे न तो यातायात में दिक्कत हो और न ही स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य को कोई खतरा हो। मामले में आगे की सुनवाई 23 अप्रैल को होगी।

यह भी पढ़ें: बसों की कमी से जूझ रही दिल्ली को मिलेगी राहत, 22 अप्रैल को सड़कों पर उतर सकती हैं 320 नई इलेक्ट्रिक बसें