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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Earthquake in Delhi-NCR: लगातार दूसरे दिन डोली दिल्ली की धरती, लोग घरों से निकल आए बाहर

Published: Fri, 11 Jul 2025 08:03 PM (IST)

दिल्ली और एनसीआर में शुक्रवार शाम को भूकंप के झटके महसूस किए गए जिनकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 मापी ...और पढ़ें

दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर महसूस किए गए भूकंप के झटके।
दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर महसूस किए गए भूकंप के झटके।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में शुक्रवार शाम को एक बार फिर भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए। यह झटके सात बजकर 49 मिनट पर आए और इसकी गहराई जमीन से 10 किमी नीचे थी। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 आंकी गई। इसका केंद्र हरियाणा के झज्जर जिले में था। बीते दो दिनों में यह दूसरी बार है जब दिल्लीवासियों ने भूकंप के झटके महसूस किए।

इससे पहले दिल्लीवासियों ने गुरुवार सुबह को भी भूकंप के झटके महसूस किए थे। तब इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.4 आंकी गई थी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार इसका केंद्र हरियाणा के झज्जर में था।

बीते छह माह में एनसीआर में चौथी बार महसूस किए भूकंप

बीते छह माह में दिल्ली और एनसीआर में चौथी बार भूकंप के झटके आए। इससे पहले 19 अप्रैल और 17 फरवरी को भी भूकंप आया था। फिर 10 जून को ही इसके झटके महसूस किए गए थे। सोशल मीडिया पर लोग अपने अनुभव भी साझा कर रहे हैं। दिल्ली के पूर्व सीएम अर¨वद केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट कर सभी के सुरक्षित होने की उम्मीद की। 

भूगर्भ में मौजूद चट्टानें कमजोर होती है: ओपी मिश्रा

एनसीएस के निदेशक ओपी मिश्रा ने बताया था कि भूकंप के केंद्र के आसपास की भूगर्भीय संरचना विषमतापूर्ण होती है। भूगर्भ में चट्टान, तरल पदार्थ, पानी इत्यादि मौजूद होते हैं। पहले इसके आसपास के इलाके में झील और कई जल स्त्रोत थे। वर्तमान में भूगर्भ में मौजूद चट्टानें कमजोर हो गई हैं। इससे जमीन के भीतर तनाव और हलचल बढ़ने से आसपास की चट्टानें जल्दी टूट जाती हैं और भूकंप के रूप में ऊर्जा निकलती है।

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