यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Delhi Air Pollution दिल्ली में लगातार चौथे दिन गंभीर श्रेणी में हवा, प्रदूषण में वाहनों की हिस्सेदारी 43 प्रतिशत; Odd-Even पर विचार संभव!
Delhi NCR Air Pollution दिल्ली में सुबह के वक्त मध्यम स्तर के कोहरे और स्मॉग के कारण प्रदूषण अधिक रहने ...और पढ़ें

HighLights
- दिल्ली में लगातार तीसरे दिन गंभीर श्रेणी में रही हवा की गुणवत्ता
- प्रदूषण में वाहनों से निकले धुएं की भूमिका रही सबसे ज्यादा 43 प्रतिशत
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राजधानी में सुबह के वक्त मध्यम स्तर के कोहरे और स्मॉग के कारण प्रदूषण अधिक रहने के बाद हवा के दिशा में हुए बदलाव के कारण दिन चढ़ने के साथ प्रदूषण के स्तर में आंशिक सुधार हुआ। फिर भी हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बरकरार रही। शनिवार सुबह तक दिल्ली एनसीआर में अधिकतम 500 तो न्यूनतम 350 एक्यूआई दर्ज किया गया है।
450 से ऊपर चल रहा है AQI
यह इस माह अब तक नौवां दिन है जब दिल्ली में एयर इंडेक्स 450 से अधिक रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार अभी हवा दक्षिण पूर्व की तरफ से चल रही है। ऐसी स्थिति में प्रदूषण के स्तर में थोड़ा और सुधार हो सकता। इसके बावजूद अगले छह दिन तक दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में बरकरार रहेगी। इसलिए प्रदूषण से ज्यादा राहत मिलने की संभावना नहीं है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार दिल्ली का एयर इंडेक्स 405 रहा, जो गंभीर श्रेणी में है।
इन इलाकों में 450 से ऊपर है AQI
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एक दिन पहले एयर इंडेक्स 419 था। शुक्रवार सुबह दिल्ली का एयर इंडेक्स बढ़कर 435 पहुंच गया था। वहीं, शनिवार सुबह यह 500 दर्ज किया गया। इस दौरान द्वारका सेक्टर आठ, पंजाबी बाग, मुंडका, नेहरू नगर, आइजीआइ एयरपोर्ट व आरके पुरम, आइजीआइ एयरपोर्ट सहित 13 इलाकों में एयर इंडेक्स 450 से अधिक खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया था। लेकिन बाद में प्रदूषण के स्तर थोड़ा कम होने पर इनमें से ज्यादातर इलाकों में औसत एयर इंडेक्स 450 से कम रहा। द्वारका सेक्टर आठ, नेहरू नगर और मुंडका सबसे अधिक प्रदूषित जगह रहे। इन तीनों इलाकों में एयर इंडेक्स 450 से अधिक रहा।
वाहनों से 43 प्रतिशत हो रहा वायु प्रदूषण
सीपीसीबी के अनुसार एनसीआर के सभी शहरों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रही। दिल्ली सरकार और आइआइटी कानपुर द्वारा संचालित आर-आसमान पोर्टल के अनुसार दिल्ली के प्रदूषण में वाहनों की हिस्सेदारी 43 प्रतिशत, पराली, लकड़ी व पत्तियों जैसे बायोमास जलाने से निकलने वाले धुएं की भागीदारी 22 प्रतिशत, सेकेंडरी एरोसोल की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत, कोल व फ्लाई ऐश की हिस्सेदारी चार प्रतिशत, कूड़ा जलने से निकलने वाले धुएं की हिस्सेदारी प्रतिशत और अन्य स्रोतों की हिस्सेदारी पांच प्रतिशत रही।
एनसीआर में एयर इंडेक्स
- दिल्ली- 405
- फरीदाबाद-390
- गाजियाबाद-335
- ग्रेटर नोएडा- 348
- गुरुग्राम- 358
- नोएडा- 334
दिल्ली में अधिक प्रदूषित इलाकों का एयर इंडेक्स
- द्वारकी सेक्टर आठ- 467
- नेहरू नगर- 463
- मुंडका- 459
- पंजाबी बाग- 450
- आरके पुरम- 444
- वजीरपुर- 443
- बवाना- 436
- एनएसआइटी द्वारका- 435
- ओखला फेज दो- 432
- न्यू मोती बाग- 432
- नजफगढ़- 425
इन 11 इलाकों में एयर इंडेक्स 400 से कम बेहद खराब श्रेणी में रहा
- आया नगर- 387
- डीटीयू- 383
- पूसा- 380
- अशोक विहार- 372
- अलीपुर- 371
- शादीपुर- 369
- लोधी रोड- 367
- विवेक विहार- 356
- नरेला- 382
- बुराड़ी- 340
- इहबास- 303
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