Delhi MCD Result: करारी हार से कांग्रेस में बढ़ सकता बिखराव, अनिल चौधरी से छीना जा सकता है प्रदेश अध्यक्ष पद
MCD Election में मिली शिकस्त से कांग्रेस में बिखराव बढ़ना तय है। नैतिकता के आधार पर भले ही प्रदेश अध्यक्ष ने इस्तीफा न दिया हो लेकिन अब अध्यक्ष पद पर संकट आ गया है। कांग्रेस पार्टी में उनके इस्तीफे की मांग हो रही है।

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। Delhi MCD Election में मिली करारी शिकस्त से दिल्ली कांग्रेस में बिखराव बढ़ना भी तय है। नैतिकता के आधार पर भले ही अनिल चौधरी ने इस्तीफा न दिया हो, लेकिन उनके अध्यक्ष पद पर संकट अवश्य आ गया है। पार्टी में ही उनके इस्तीफे की मांग जोर पकड़ने लगी है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी का होते रहा है विरोध
वैसे तो प्रदेश अध्यक्ष पद पर जब से अनिल चौधरी काबिज हुए हैं, तभी से उनका विरोध हो रहा है। छोटे-बड़े नेताओं के स्तर पर इन्हें हटाने की मुहिम भी चलाई जाती रही। कुछ माह पहले तो असंतुष्टों का एक खेमा बैठकें भी करने लगा। सोनिया गांधी समेत सभी वरिष्ठ नेताओं को पत्र भी लिखे गए। तब दिल्ली कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने इन्हें बुलाया और सभी को थोड़ा सब्र करने को कहा।
निगम चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन और टिकट वितरण में भी पार्टी के भीतर भारी विरोध देखने को मिला। 250 में से जिन नौ सीटों पर पार्टी जीती है, सूत्रों के मुताबिक उनमें से सात टिकटों का चौधरी के स्तर पर विरोध किया जा रहा था। लाजपत नगर वार्ड नंबर 144 में गलत उम्मीदवार को टिकट दे दिए जाने की जांच चल ही रही है। दोनों अन्य जगह पर भी पार्टी उम्मीदवार अपना नामांकन्र तक नहीं बचा सके। 188 सीटों पर कांग्रेसी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है।
हैरत की बात ये भी कि प्रदेश अध्यक्ष ने अपने व अपने सिपहसालारों के कहने पर जो जो टिकटें दी, वहां भी किसी पर जीत हासिल नहीं की जा सकी। प्रदेश के एक स्वयंभू दलित नेता तो परिवार की महिला को भी नहीं जिता सके। इन्हीं सब कारणों से अब पार्टी में इन्हें एवं इनकी टीम को हटाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। बहुत संभव है कि भारत जोड़ो यात्रा के दिल्ली से गुजरने के बाद ये मांग और मुखर हो जाए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को जिम्मेदार ठहरा रहे लोग
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व मुख्य मीडिया कार्डिनेटर व दिल्ली प्रदेश शिया पर्सनल ला बोर्ड के अध्यक्ष मेहदी माजिद ने एमसीडी चुनावों में कांग्रेस के सिर्फ नौ सीटों पर सिमट जाने की जिम्मेदारी प्रदेशाध्यक्ष अनिल चौधरी और उनके उपाध्यक्षों पर डाली है। उन्होंने चौधरी से तुरंत प्रभाव से इस्तीफ़ा देने की मााग की है। साथ ही कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से पूरी प्रदेश कमेटी को भी भंग करने की गुहार लगाई है।
संगठनात्मक स्तर पर सुधार की जरूरत- लवली
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अरविंद सिंह लवली का भी कहना है कि प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक स्तर पर सुधार करने की बहुत जरूरत है। पार्टी की मजबूती ही उसके भविष्य ही राह तय करेगी।
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