नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। नेब सराय थाना क्षेत्र के खानपुर इलाके में मोबाइल पर गेम खेलने पर पिता ने छह साल के मासूम को डंडे से पीटकर मार डाला। वारदात बृहस्पतिवार रात की है। पड़ोसियों ने बच्चे ज्ञान पांडेय उर्फ उत्कर्ष की पिता द्वारा पिटाई से हत्या की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन के जरिये चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को दी, जिससे पूरा मामला खुला। पुलिस ने आरोपित पिता आदित्य पांडेय से पूछताछ कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, खानपुर इलाके के नारायणा अपार्टमेंट में आदित्य अपने बेटे उत्कर्ष और पत्नी के साथ रहता है। आदित्य दूध सप्लाई का काम करता है। बृहस्पतिवार रात को पुलिस को मैक्स अस्पताल साकेत की ओर से पिटाई के चलते बच्चे की मौत की सूचना मिली थी। पुलिस ने साकेत अस्पताल जाकर जांच शुरू की। शुरू में उत्कर्ष के माता-पिता ने डाक्टरों को बच्चे को चोट लगने को लेकर कोई जानकारी नहीं दी। पुलिस ने पूछताछ की तो दोनों ने पुलिस को भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया। जांच में बच्चे के शरीर पर चोट के कई निशान मिले। इस बीच, पुलिस को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर काल कर किसी पड़ोसी ने सूचना दी कि एक बच्चे के साथ उसके पिता ने मारपीट की है, जिससे अस्पताल में उसकी मौत हो गई है। पुलिस ने आदित्य से सख्ती से पूछताछ की जिसपर उसने हत्या की बात कुबूल कर ली। इसपर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को रखवा दिया और हत्या का केस दर्ज कर आरोपित पिता को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपित ने बताया कि उत्कर्ष उसके मोबाइल में गेम खेल रहा था। इस दौरान उसने उत्कर्ष को मोबाइल रखकर पढ़ाई करने के लिए कहा। वह नहीं माना तो आदित्य डंडे से उसे पीटने लगा, जिससे उत्कर्ष अचेत हो गया। घटना के समय उसकी मां मौजूद नहीं थी। पिटाई के बाद बच्चे के अचेत हो जाने पर पिता ने उसकी मां को सूचना दी। मां बच्चे को लेकर मैक्स अस्पताल पहुंची, जहां चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। पड़ोसियों ने बताया कि आदित्य अक्सर पढ़ाई न करने पर उत्कर्ष को डंडे से पीटता था। इस दौरान बच्चे के चीखने-चिल्लाने की आवाज पड़ोसियों तक आती थी।

  • बच्चे की पिटाई से मौत के मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। बच्चे के हाथ-पैर पर पीटे जाने के निशान मिले हैं। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवार को दे दिया है।  बेनिता मैरी जैकर, पुलिस उपायुक्त, दक्षिणी दिल्ली
  • छह साल के बच्चे की मौत का मामला टूटते पारिवारिक ताने-बाने और वर्तमान परिदृश्य का कारण है। जहां एक तरफ कोरोना के चलते लोगों में तनाव बढ़ रहा है। वहीं, एकल परिवारों में तनाव नियंत्रित करने में लोग असफल हो रहे हैं। ऐसे में गुस्से का पारिवारिक सदस्यों पर असर हो रहा है। फिल्में और ओटीटी कंटेट भी कहीं न कहीं इसकी वजह हैं क्योंकि इससे प्रभावित होकर लोग अपने वर्चस्व स्थापित करने के लिए गुस्से का इस्तेमाल कर रहे हैं। परिवार में बड़े बुजुर्गों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।  गुरविंदर अहलूवालिया, मनोवैज्ञानिक

Edited By: Pradeep Chauhan