नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) परिसर की कई इमारतों पर गुरुवार को जातिसूचक शब्द और नारे लिखने का मामला सामने आया है। इसके बाद इन इमारतों पर लिखे गए नारों की तस्वीर सोशल मीडिया पर भी वायरल होने लगी। JNU के छात्रों ने दावा किया कि स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज- II भवन की दीवारों पर एक खास समुदायों के खिलाफ नारे लिखे गए हैं। साथ ही इमारतों की दिवारों की तोड़फोड़ भी की गई। 

बर्दाश्त नहीं की जाएगी ऐसी घटनाएं- JNU कुलपति

जेएनयू कुलपति ने दीवारों पर लिखे गए जाति सूचक शब्दों के मामले में संज्ञान लेते हुए स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के प्रमुख और शिकायत समिति से मामले की अति शीघ्र जांच कर रिपोर्ट मांगी है। कुलपति ने मामले को लेकर कहा है कि जेएनयू समानता की बात करता है इस तरह की घटनाएं यहां कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

ABVP ने की निंदा

 ABVP की ओर से रोहित कुमार ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद वामपंथी गुंडों द्वारा शैक्षणिक स्थानों की बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ करने की निंदा करती है। उन्होंने आगे कहा कि अकादमिक जगहों का इस्तेमाल बहस और चर्चा के लिए होना चाहिए, ना कि समाज और छात्रों के समुदाय में ज़हर घोलने के लिए।

विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी इस घटना को लेकर प्रतिक्रिया साझा की है। उन्होंने बताया कि ये नारे बुधवार की रात को लिखे गए है। हालांकि, यह नारे किसने लिखे उसका पता नहीं चल पाया है। 

JNU में पहले भी सामने आए हैं इस तरह के मामले

बता दें कि जेएनयू में इस तरह के मामले पहले भी सामने आए हैं, जहां अलग अलग मुद्दों को लेकर नारेबाजी की जाती है। कुछ सालों पहले देश विरोधी नारे लगाने का मामला सामने आया जिसमें कई छात्रों पर मुकदमा भी दर्ज किया गया था। 

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Edited By: Abhi Malviya

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