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    रशीद इंजीनियर की जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने NIA से मांगा जवाब, आतंकी फंडिंग से जुड़ा है मामला

    Updated: Thu, 23 Jan 2025 02:53 PM (IST)

    दिल्ली हाईकोर्ट ने आतंकी फंडिंग मामले में जमानत याचिका पर जल्द फैसला सुनाने की मांग को लेकर जम्मू-कश्मीर के सांसद रशीद इंजीनियर की याचिका पर एनआईए से जवाब मांगा है। रशीद इंजीनियर ने ट्रायल कोर्ट के समक्ष लंबित जमानत मामले पर शीघ्र निर्णय देने का अनुरोध किया है। 24 दिसंबर को पटियाला हाउस कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

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    सांसद रशीद इंजीनियर की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने एनआईए से जवाब मांगा है। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता / एएनआई, नई दिल्ली। आतंकी फंडिंग केस में जमानत मामले में जल्द निर्णय सुनाने की मांग से जुड़ी आरोपित जम्मू-कश्मीर के सांसद रशीद इंजीनियर की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने एनआईए से जवाब मांगा है।

    याचिका दायर में रशीद इंजीनियर ने ट्रायल कोर्ट के समक्ष लंबित जमानत के मामले पर शीघ्र निर्णय देने का अनुरोध किया है। 24 दिसंबर को पटियाला हाउस के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंदर जीत सिंह ने रशीद की जमानत याचिका को याचिका को खारिज कर दिया था।

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    मामले की सुनवाई 30 जनवरी लिए तय की

    न्यायमूर्ति विकास महाजन की पीठ ने नोटिस जारी करने के बाद मामले की सुनवाई 30 जनवरी, 2025 के लिए तय की। राशिद का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता एन हरिहरन ने तर्क दिया कि एक सांसद के रूप में उनके मुवक्किल को संसद के आगामी बजट सत्र में भाग लेने की आवश्यकता है। 

    एक अर्जी को कर दिया था खारिज 

    उन्होंने आगे जोर दिया कि ट्रायल कोर्ट में लंबित निर्णय में तेजी लाई जानी चाहिए। हाल ही में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर टेरर फंडिंग मामले में सांसद राशिद इंजीनियर की नियमित जमानत याचिका पर निर्णय लेने की मांग करने वाली एक अर्जी को खारिज कर दिया था। ट्रायल कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस स्तर पर उसे केवल विविध आवेदनों को संबोधित करने का अधिकार है और नियमित जमानत याचिका पर फैसला करने का नहीं। 

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    इससे पहले जिला न्यायाधीश ने एएसजे के अनुरोध के बाद मामले को एएसजे कोर्ट को वापस कर दिया था, जिसमें राशिद इंजीनियर के सांसद होने के कारण मामले को सांसदों के लिए नामित अदालत में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया गया था। यह स्थानांतरण अनुरोध आरोपी और अभियोजन एजेंसी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) दोनों की सहमति से किया गया था। 

    एएसजे न्यायालय मामले की सुनवाई जारी रखेगा

    जिला न्यायाधीश का यह निर्णय इस बात पर ध्यान देने के बाद आया कि न्यायालय के अधिकार क्षेत्र का मुद्दा अभी भी दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है। जब तक उच्च न्यायालय अधिकार क्षेत्र पर निर्णय नहीं ले लेता, तब तक एएसजे न्यायालय मामले की सुनवाई जारी रखेगा।

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    राशिद के वकील और एनआईए दोनों ने मामले को वर्तमान न्यायालय में ही रखने पर सहमति जताई थी। एनआईए के मामले के अलावा, विशेष न्यायाधीश ने संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले और राशिद की नियमित जमानत याचिका को सांसदों के लिए नामित न्यायालय में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया था।