Delhi News: एक्शन में दिल्ली सरकार, 250 मोहल्ला क्लीनिक बंद करने का दिया बड़ा आदेश
Mohalla Clinics दिल्ली सरकार ने किराए के मकान में चल रहे मोहल्ला क्लीनिक बंद करने का फैसला किया है। स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि करीब 250 मोहल्ला क्लीनिक किराए पर चल रहे हैं जिनमें से कई कागजों पर ही चल रहे हैं। इन क्लीनिकों को हर महीने 20 से 25 हजार रुपये किराया दिया जा रहा है जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। किराए के मकान में चल रहे मोहल्ला क्लीनिक बंद किए जाएंगे। इस बाबत दिल्ली सरकार ने आदेश जारी किया है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने यह जानकारी देते हुए कहा कि करीब 250 मोहल्ला क्लीनिक किराए पर चल रहे हैं।
इनमें से कई मोहल्ला क्लीनिक कागजों पर चल रहे। जिसे हर महीने 20 हजार से 25 हजार किराया भुगतान किया जाता है। बिजली का खर्च अलग से भुगतान होता है। इसलिए ये मोहल्ला क्लीनिक भ्रष्टाचार के अड्डा बने हुए हैं।
लिहाजा, इन्हें बंद किए जाएगा। उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) की पिछली सरकार पर दिल्ली की प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को बर्बाद करने का आरोप लगाया है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए समझौते के दस्तावेज की होगी जांच
उन्होंने कहा कि किराए पर चल रहे मोहल्ला क्लीनिक के संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए समझौते के दस्तावेज की जांच होगी। समझौते के अनुसार यदि किसी किराए के मोहल्ला क्लीनिक की अवधि शेष होगी तो उसे तुरंत खाली नहीं करा सकते।
दस्तावेजों की जांच के बाद उसे बंद करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। सरकार के पास बहुत जमीन है। सरकारी जमीन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शुरू किए जाएंगे। आप सरकार द्वारा शुरू योजनाओं में भ्रष्टाचार हुआ है। इसलिए सरकार उसे लागू नहीं करेगी, बल्कि अपनी योजना लेकर आएगी।
100 दिनों में दिखने लगेगा बदलाव
100 दिनों में दिल्ली की स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा बदलाव दिखने लगेगा। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) को लागू करने के लिए केंद्र सरकार के साथ जल्द समझौते पर हस्ताक्षर होगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इसकी तैयारी कर रहे हैं।
आठ मार्च से लाभार्थियों का पंजीकरण शुरू हो जाएगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री जन औषधि योजना लागू कर अस्पतालों में जन औषधि केंद्र शुरू किए जाएंगे। साथ ही राष्ट्रीय आयुष मिशन योजना भी लागू की जाएगी।
दस डेंटल मोबाइल वैन शुरू करेगी दिल्ली सरकार
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डेंटल मोबाइल वैन की योजना को स्वीकृति दी गई है। शुरुआत में दस डेंटल मोबाइल वैन का संचालन 15 से 20 दिन में शुरू होगा, जो विभिन्न इलाकों में जाकर लोगों को दांतों की बीमारियों की स्क्रीनिंग और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराएगी। बाद में मोबाइल वैन की सुविधा बढ़ाई जाएगी।
एक अस्पताल का होगा सिर्फ एक चिकित्सा अधीक्षक
स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों के साथ बैठक भी की। मौजूदा समय में एक-एक डॉक्टर कई अस्पतालों में चिकित्सा अधीक्षक की कमान संभाल रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अब एक अस्पताल में एक ही चिकित्सा अधीक्षक होंगे और हर तीन वर्ष पर नियमित स्थानांतरण होगा।
साथ ही सभी अस्पतालों का सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा। उन्होंने अस्पतालों में औचक निरीक्षण की चेतावनी देते हुए चिकित्सा अधीक्षकों को अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाएं चुस्त रखने का निर्देश दिया।
निजी अस्पतालों में दस प्रतिशत बेड आरक्षित
इसके अलावा निजी अस्पतालों में ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूम से कमजोर वर्ग) के मरीजों को मानकों के अनुरूप चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। उल्लेखनीय है कि ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत सरकार से सस्ते दर पर जमीन लेने वाले निजी अस्पतालों में दस प्रतिशत बेड आरक्षित है।
कैग रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि ईडब्ल्यूएस के तहत गरीब मरीजों को निजी अस्पतालों में स्थानांतरित करने के लिए 19 सरकारी अस्पतालों ने रेफरल केंद्र ही नहीं बनाया है।
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