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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi: करंट से होने वाली दुर्घटनाओं पर विद्युत कंपनियों को देना होगा मुआवजा, केजरीवाल ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

By V K ShuklaEdited By: Abhi Malviya
Published: Fri, 06 Oct 2023 11:19 PM (IST)

दिल्ली में बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने और पीड़ितों को वित्तीय मदद पहुंचाने के लिए जल्द ही ...और पढ़ें

प्रस्ताव को सीएम अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को मंजूरी दे दी है।
प्रस्ताव को सीएम अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को मंजूरी दे दी है।

HighLights

  1. दिल्ली सरकार जल्द लाएगी नीति
  2. अब एलजी के हस्ताक्षर का इंतजार

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली।  दिल्ली में बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने और पीड़ितों को वित्तीय मदद पहुंचाने के लिए जल्द ही नियम लाए जाएंगे।दिल्ली सरकार के निर्देश पर ये नियम दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (डीईआरसी) बनाएगी। इस संबंध में दिल्ली सरकार के विद्युत विभाग की तरफ से मिले प्रस्ताव को सीएम अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को मंजूरी दे दी है।

नियम आने के बाद विद्युत कंपनियों को अपना इन्फ्रास्ट्रक्चर और मजबूत करना होगा ताकि कोई दुर्घटना ही न हो और अगर कोई दुर्घटना होती है तो फिर विद्युत कंपनियां पीड़ित को उचित वित्तीय सहायता देने के लिए बाध्य होंगी।

एलजी के पाले में गेंद

सीएम से अप्रूवल मिलने के बाद अब प्रस्ताव एलजी के पास भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद केजरीवाल सरकार डीईआरसी को जल्द से जल्द नियम बनाने के लिए आदेश जारी करेगी।

दिल्ली के विद्युत मंत्रालय ने एक प्रस्ताव लाया था कि इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के तहत डीईआरसी को नियम बनाने के लिए आदेश जारी किया जाए।जिसके तहत दिल्ली विद्युत नियामक आयोग बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए विस्तृत गाइडलाइन तैयार करे, जिससे कि बिजली कंपनियां कानूनी रूप से बाध्य हों।

दरअसल, अभी तक दिल्ली में करंट से होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं है। इस वजह से अगर कोई बिजली लगने से घायल हो जाता था या फिर किसी की मौत हो जाती है तो विद्युत कंपनियां पीड़ित या उसके परिवार को वित्तीय सहायता देने के लिए बाध्य नहीं होती हैं। ऐसे में करंट लगने से पीड़ित परिवारों को समय से कोई आर्थिक मदद नहीं मिल पाती है और उनको परेशानी का सामना करना पड़ता है।

रिपोर्ट इनपुट- वीके शुक्ला

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