विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली में डबल इंजन की सरकार बनने से कितने प्रोजेक्ट की बाधाएं हुईं दूर, रिपोर्ट में सबकुछ हुआ साफ

By V K Shukla Edited By: Rajesh Kumar
Published: Thu, 15 May 2025 03:30 AM (IST)

दिल्ली में डबल इंजन की सरकार बनने से विभागों के बीच अधिकार क्षेत्र की उलझनें कम हुई हैं। मुकरबा चौक ...और पढ़ें

दिल्ली में डबल इंजन की सरकार बनने से विभागों के बीच अधिकार क्षेत्र की उलझनें कम हुई हैं। फाइल फोटो
दिल्ली में डबल इंजन की सरकार बनने से विभागों के बीच अधिकार क्षेत्र की उलझनें कम हुई हैं। फाइल फोटो

HighLights

  1. डबल इंजन सरकार से विभागों में तालमेल।
  2. मुकरबा चौक अंडरपास प्रोजेक्ट में तेजी।
  3. यातायात सुगमता और प्रदूषण में कमी।

वीके शुक्ला, नई दिल्ली। दिल्ली में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद अधिकार क्षेत्र को लेकर विभागों की उलझनें और पेचीदगियां लगभग खत्म हो गई हैं। सरकार के जो विभाग एक-दूसरे की टांग खींचते थे और इस लड़ाई के चलते प्रोजेक्ट तक रुक जाते थे, अब भाजपा सरकार आने के बाद माहौल बदल गया है।

 केजरीवाल सरकार में इतनी बाधाएं

उदाहरण के लिए मुकरबा चौक अंडरपास प्रोजेक्ट को ही लिया जा सकता है। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने इस प्रोजेक्ट के आड़े आ रही अपनी 1.20 एकड़ जमीन को लेकर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का काम रुकवा दिया था, क्योंकि पीडब्ल्यूडी उसे इस जमीन का भुगतान नहीं कर पाया था।

यह भुगतान अभी भी नहीं हुआ है, लेकिन अब इस विभाग ने दो साल बाद इस प्रोजेक्ट पर काम करने की मंजूरी दे दी है।

बीजेपी की सरकार बनते काम में तेजी

इसके बाद से काम में तेजी आई है। परियोजना का 50 फीसदी काम पूरा हो चुका है। पीडब्ल्यूडी का दावा है कि अब छह महीने के अंदर इस योजना पर काम पूरा कर लिया जाएगा। अभी बादली या आउटर रिंग रोड की तरफ जाने वाले वाहनों को मुकरबा चौक और शालीमार बाग के बीच लूप रोड का इस्तेमाल करना पड़ता है।

इससे मुकरबा चौक पर वाहनों का दबाव भी बढ़ जाता है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने करीब दो साल पहले पीडब्ल्यूडी को जमीन सौंपने की मंजूरी दी थी। सितंबर 2022 में आप सरकार ने 59.5 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना के तीन अंडरपास के निर्माण की आधारशिला रखी थी। इनके निर्माण से आउटर रिंग रोड और शालीमार बाग के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों वाहनों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।

रूके हुए काम पूरे होने से कई फायदे

अंडरपास बनने से मुकरबा चौक और हैदरपुर बादली मेट्रो के आसपास यातायात सुचारू हो जाएगा और इससे हर साल 1.35 लाख किलोग्राम कार्बन गैस का उत्सर्जन कम होगा और सालाना 58,000 लीटर ईंधन की भी बचत होगी।

योजना के तहत पहला अंडरपास हैदरपुर बादली मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर तीन पर बनाया जा रहा है जिसका इस्तेमाल पैदल यात्री और एनएमवी बादली की तरफ जाने के लिए कर सकेंगे। दूसरा अंडरपास 50 मीटर लंबा, 9.6 मीटर चौड़ा और 6 मीटर ऊंचा होगा जिसका इस्तेमाल बादली/आउटर रिंग रोड से आने वाले वाहन शालीमार बाग की तरफ जाने के लिए कर सकेंगे।

अभी बादली या आउटर रिंग रोड की तरफ जाने वाले वाहनों को मुकरबा चौक जाकर लूप का इस्तेमाल कर शालीमार बाग की तरफ वापस आना पड़ता है, लेकिन अंडरपास बनने के बाद वाहनों को करीब 1.5 किलोमीटर की दूरी कम तय करनी पड़ेगी।

यहां बनने वाला तीसरा अंडरपास संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर से आने वाले वाहनों के लिए भविष्य में बनने वाले एलिवेटेड रोड के जरिए आजादपुर की तरफ जाने के काम आएगा। इससे मुकरबा चौक पर जाम कम लगेगा।

यह भी पढ़ें: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, 800 वाहनों के काटे चालान; 55 वाहनों के साथ किया ये काम