विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली के विकास के लिए रेखा सरकार का बड़ा फैसला, 1400 करोड़ मुख्यमंत्री विकास निधि के लिए तय

Published: Thu, 31 Jul 2025 10:14 PM (IST)

दिल्ली सरकार ने विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री विकास निधि से विधायकों को ...और पढ़ें

रेखा गुप्ता ने कहा- मुख्यमंत्री विकास निधि से विधायक करा सकेंगे काम।
रेखा गुप्ता ने कहा- मुख्यमंत्री विकास निधि से विधायक करा सकेंगे काम।

HighLights

  1. विकास कार्यों के लिए 50% अग्रिम राशि
  2. विधायक एमसीडी से भी करा सकेंगे काम

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। Delhi में विकास कार्यों की गति बढ़ाने और आर्थिक बधाएं दूर करने के लिए दिल्ली सरकार ने निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर कई आवश्यक बदलाव किए हैं।

मुख्यमंत्री विकास निधि के माध्यम से विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्रों में कार्य करवा सकेंगे। विधायक अब MCD के माध्यम से भी अनधिकृत काॅलोनियों में विकास कार्य करवा सकेंगे।

किसी भी विकास परियोजना के लिए निविदा जारी होते ही परियोजना राशि का 50 प्रतिशत संबंधित एजेंसी को दे दिया जाएगा। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने कहा कि इन निर्णयों से तेजी से विकास कार्य होंगे और राजधानी आसानी से विकसित दिल्ली की ओर अग्रसर होगी।

इन निर्णयों से संबंधित एजेंसियों पर बेवजह का बोझ घटेगा, साथ ही निर्माण कार्य करने वाली कंपनियों को आर्थिंक परेशानियों से छुटकारा भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि निर्माण कार्यों को लेकर बात करने पर जानकारी मिली कि अगर नियमों में बदलाव कर दिए जाएं तो ये कार्य तेज गति पकड़ सकते हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार इसे लेकर उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों से भी विचार-विमर्श किया है और निर्माण करने वाली कंपनियों व ठेकेदारों से भी समस्याएं जानीं। जिसके बाद निर्माण कार्य से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव किया गया है।

CM विकास निधि में एक कार्य की अधिकतम लागत 10 करोड़ 

बुनियादी ढांचे की जरूरतों को पूरा करने वाली इस योजना को 2025-26 में योजना विभाग को 1400 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। विधायक अपने क्षेत्र में विकास कार्य के लिए इस निधि से राशि ले सकेंगे। एक परियोजना की अधिकतम लागत 10 करोड़ रुपये होगी।

योजना विभाग परियोजना की कुल राशि का 50 प्रतिशत अग्रिम और शेष 50 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद जारी करेगा। यह भुगतान कार्य की प्रगति, उपयोग प्रमाणपत्र और पूर्णता प्रमाणपत्र के आधार पर संबंधित विभाग या एजेंसी को किया जाएगा।

विधायक निधि योजना में किया गया ये बदलाव

दिल्ली सरकार की इस योजना के अंतर्गत विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्य करवाते हैं। अब शहरी विकास विभाग पहली किश्त, यानी अनुमानित राशि का 10 प्रतिशत कार्य स्वीकृत करते समय कार्यकारी एजेंसियों को जारी किया जाएगा।

दूसरी किश्त यानी पहले जारी की गई 10 प्रतिशत राशि को जोड़कर निविदा राशि का 50 प्रतिशत आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने पर जारी किया जाएगा। इसका अर्थ यही है कि कार्य शुरू होते ही प्रोजेक्ट की कुल राशि की आधी धनराशि जारी कर दी जाएगी।

बाकी 50 प्रतिशत धनराशि कार्य पूरा होने पर जारी कर दी जाएगी। यानी काम के लिए समय से पैसा जारी हो सकेगा।

अनधिकृत काॅलोनियों में निगम विकास कार्य कर सकेगा

क्षेत्रीय विधायक अपने फंड से विकास कार्य अब दिल्ली नगर निगम से भी करा सकेंगे। पहले यह काम सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग या दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (DSIIDC) से ही करवा पाते थे।

इसके अलावा अब निर्माण कार्यों के लिए दिल्ली दर अनुसूची (डीएसआर)- 2023 को फालो किया जा रहा है, जबकि अभी तक डीएसआर- 2016 लागू थी। बीच में इसमें कुछ बदलाव किए गए लेकिन वह परिपूर्ण नहीं थे।

असल में डीएसआर विभिन्न निर्माण वस्तुओं, सामग्रियों और श्रम के लिए दरों की एक विस्तृत सूची प्रदान करता है, जो लागत अनुमान और निविदा प्रक्रियाओं के लिए एक मानक संदर्भ के रूप में कार्य करता है। यह सीपीडब्ल्यूडी द्वारा प्रकाशित है किया जाता है।

चूंकि अब वर्ष 2023 लागू कर दिया गया है तो ठेकेदार को उपरोक्त वर्ष के हिसाब से निर्माण सामग्रियों, श्रम दरों का भुगतान किया जाएगा। इसका एक लाभ यह होगा कि बड़ी कंपनियां भी अब विकास कार्य करने में रुचि दिखाएंगी।

यह भी पढ़ें- दिल्ली में धूल से निपटने के लिए प्रमुख रास्तों पर लगाए जाएंगे मिस्ट स्प्रेयर, प्रदूषण से मिलेगी लोगों को राहत