'क्राइम कैपिटल' बनती जा रही है दिल्ली, बीते 6 माह में 250 लोगों की हत्या; इस इलाके में हुई सबसे ज्यादा वारदात
दिल्ली में लूटपाट आपसी रंजिश और गैंगवार के कारण हत्याएं बढ़ रही हैं जिससे शहर क्राइम कैपिटल बनता जा रहा है। पुलिस के अनुसार इस वर्ष 250 लोगों की हत्या हुई है जिनमें से अधिकांश चाकू से की गई हैं। गैंगस्टर रंगदारी मांग रहे हैं और न देने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पुलिस अवैध हथियारों की तस्करी को रोकने का प्रयास कर रही है।

राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। राजधानी में पिछले कुछ महीने से लूटपाट व झपटमारी का विरोध करने, आपसी रंजिश, गैंगवार व रंगदारी न देने पर ताबड़तोड़ की गई हत्या की घटनाओं से दिल्ली क्राइम कैपिटल बनती जा रही है। हत्या की सबसे अधिक वारदातें बाहरी व पश्चिमी दिल्ली के इलाके में हुईं।
गैंगस्टर आए दिन व्यापारियों, प्रॉपर्टी डीलरों व डेरी संचालकों को विदेश के नंबरों से कॉल कर मोटी रकम रंगदारी मांग रहे हैं और नहीं देने पर उन्हें जान से मार डालने की धमकी दे रहे हैं। धमकी के डर से बहुत कम व्यापारी पुलिस में शिकायत दर्ज करा रहे हैं। दिल्ली पुलिस के छमाही आंकड़ों को देखें तो एक जनवरी से 30 जून तक 250 लोगों की हत्या की गई। इनमें अधिकतर हत्या चाकू मारकर की गई।
जिन 250 लोगों की हत्या हुई उनमें सबसे अधिक आपसी रंजिश, अवैध संबंधों, लूटपाट व झपटमारी का विरोध करने, रंगदारी न देने व गैंगवार शामिल हैं। पिछले साल राजधानी में 504 लोगों की हत्या हुई थी।
12 अप्रैल को प्रॉपर्टी डीलर की सरेआम हत्या
दिल्ली पुलिस अपराध के आंकड़ों में किस तरह कालाबाजी करती है, उसका एक बड़ा उदाहरण देखने को मिला कि छमाही आंकड़ों में पुलिस ने राजौरी गार्डन व अलीपुर में केवल दो गैंगवार की घटनाओं को शामिल किया है। जिनमें दाे लोगों की मौत हो जाने की बात कही है जबकि लंदन में छिपे कुख्यात गैंग्सटर कपिल सांगवान उर्फ नंदू गिरोह के शूटरों द्वारा 12 अप्रैल को पश्चिम विहार में फाच्यूर्नर कार में प्रॉपर्टी डीलर की सरेआम हत्या की गई थी।
इसके कुछ हफ्ते पहले बवाना के नांगल ठाकरान गांव में कुख्यात मंजीत महाल के भांजे दीपक ठाकरान की मासूम बेटी के साथ सरेआम गाेलियां मारकर हत्या कर देने की घटना भी गैंगवार हुई थी। प्रापर्टी डीलर की हत्या नंदू ने इसलिए कराई क्योंकि वह मंजीत महाल का करीबी था।
बाहरी और पश्चिमी दिल्ली में गैंगवार की दर्जनों घटनाएं
गैंगवार में सरेआम लोगों की हत्या कर देना शहर की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा होता है। इस तरह का अपराध सबसे संगीन अपराध की श्रेणी में आता है। यही वजह है कि दिल्ली पुलिस ने छह माह में केवल दो गैंगवार होने की घटनाओं को दिखाया जबकि बाहरी व पश्चिमी दिल्ली में गैंगवार की दर्जनों घटनाएं हुई, जिनमें दर्जनों अपराधियों और उनके परिवार के निर्दोष लोगों की हत्या हुई।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि हत्या की बड़ी वजह बदमाशों को आसानी से अवैध हथियार व चाकू मिलना है। उत्तर-पश्चिम जिले के जाफराबाद व पहाड़गंज के नबी करीम आदि कई मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में बदमाशों को अलीगढ़ के चाकू मिल जाते हैं। वही हाल अवैध पिस्टल व कट्टा जैसे अवैध हथियारों की है।
मध्य प्रदेश से होती है दिल्ली-एनसीआर में हथियारों की तस्करी
मध्य प्रदेश के कई इलाकों से दिल्ली-एनसीआर में अवैध हथियारों की तस्करी की जाती है। दिल्ली पुलिस आए दिन तस्करों को दबोच कर उनसे हथियार बरामद करती है फिर भी तस्करी का धंधा नहीं रूक पा रहा है। बदमाशों को ड्रग्स भी आसानी से मिल जाता है जिससे नशे की हालत में बदमाश बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देते हैं।
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