Delhi Chunav Result: सिसोदिया को हराने वाले तरविंदर सिंह कौन? जंगपुरा विधायक का कांग्रेस से रहा पुराना नाता
हॉट सीट मानी जा रही जंगपुरा विधानसभा सीट से आप के दिग्गज नेताओं में से एक मनीष सिसोदिया ने चुनाव लड़ा था। वह भाजपा नेता तरविंदर सिंह मारवाह से हार गए। जंगपुरा सीट से चुनाव लड़ना मारवाह पहले भी लगातार तीन बार कांग्रेस के टिकट पर यहां से चुनाव जीत चुके थे। मारवाह ने 1998 से 2008 तक लगातार तीन बार जंगपुरा की गद्दी संभाली थी।
डिजिटल डेस्क, जागरण। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) के लिए इस बार चुनाव बेहद निराशाजनक रहे हैं। हॉट सीट मानी जा रही जंगपुरा विधानसभा सीट से आप के दिग्गज नेताओं में से एक मनीष सिसोदिया ने चुनाव लड़ा था। वह भाजपा नेता तरविंदर सिंह मारवाह से हार गए। अब खास बात यह है कि मारवाह ने ऐसा कौन सा जादू किया कि उन्होंने सिसोदिया को 675 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया।
17 साल बाद मारवाह को फिर मिला प्यार
बता दें कि जंगपुरा सीट से चुनाव लड़ना मारवाह के लिए कोई बड़ी बात नहीं थी। इससे पहले वे लगातार तीन बार कांग्रेस के टिकट पर यहां से चुनाव जीत चुके थे। मारवाह ने 1998 से 2008 तक लगातार तीन बार जंगपुरा की गद्दी संभाली थी। जंगपुरा की जनता ने 17 साल बाद फिर से मारवाह को प्यार दिया और अपनी सेवा के लिए भाजपा नेता मारवाह को चुना।
मारवाह ने कांग्रेस क्यों छोड़ी?
सवाल यह है कि लंबे समय तक कांग्रेस नेता रहे मारवाह कब और क्यों भाजपा में शामिल हुए? तो बता दें कि साल 2022 में जब उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं सोनिया और राहुल गांधी से मिलने का समय मांगा तो उन्हें समय नहीं मिला और इसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गए। वहीं, भाजपा में शामिल होते ही उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राहुल गांधी 'राजा' हैं और सोनिया गांधी 'रानी' हैं।
आपराधिक मामला भी लंबित
अगर मारवाह के कारोबार की बात करें तो चुनाव आयोग में दाखिल हलफनामे के मुताबिक, भाजपा विधायक मारवाह का अपना कारोबार है और उनके और उनकी पत्नी सुरिंदरपाल कौर मारवाह के नाम पर 13 व्यावसायिक और 12 रिहायशी इमारतें हैं। उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला भी लंबित है।
कॉलेज ड्रॉपआउट है मारवाह
वहीं, अगर बीजेपी विधायक मारवाह की शिक्षा और निजी जीवन के बारे में थोड़ी बात करें तो उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के पीजीडीएवी कॉलेज से पढ़ाई की है, लेकिन उन्होंने पहले साल में ही कॉलेज छोड़ दिया था। हालांकि, कांग्रेस छोड़ने के बाद वह कांग्रेस पर दिए गए अपने बयानों को लेकर हमेशा विवादों में घिरे रहे। साथ ही पुलिस केस भी दर्ज हुए।
सिसोदिया ने जताया संतोष
उल्लेखनीय है कि इस बार पटपड़गंज की बजाय जंगपुरा से चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी मनीष सिसोदिया को मिली करारी हार के बाद उन्होंने अपनी हार स्वीकार करते हुए उम्मीद जताई कि भाजपा क्षेत्र के लोगों के लिए अच्छा काम करेगी। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, "मैं विजयी प्रत्याशी को बधाई देता हूं और उम्मीद करता हूं कि वह जंगपुरा के लोगों की प्रगति और कल्याण पर ध्यान केंद्रित करेंगे।"
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