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    दिल्ली की बसों में किराया देने के लिए अब इस्तेमाल होगा स्मार्ट कार्ड, जानें कितने रुपये चुकाने होंगे

    Updated: Fri, 09 May 2025 09:38 PM (IST)

    दिल्ली परिवहन निगम (DTC) जल्द ही बसों में स्मार्ट कार्ड आधारित टिकटिंग शुरू करने जा रहा है। इस सुविधा से यात्री संपर्क रहित स्मार्ट कार्ड मोबाइल भुगतान क्यूआर कोड और अन्य डिजिटल माध्यमों से किराया दे सकेंगे। इस परियोजना का उद्देश्य बस यात्रियों को सुगम यात्रा का अनुभव देना है।

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    दिल्ली की बसों में जल्द ही मिलेगी स्मार्ट कार्ड आधारित टिकटिंग की सुविधा।

    राज्य ब्यूरो, जागरण . नई दिल्ली: किराया वसूली को डिजिटल बनाने और कागज के पास का इस्तेमाल कम करने की दिशा में दिल्ली परिवहन निगम (DTC) एक महीने में स्मार्ट कार्ड आधारित टिकटिंग प्रक्रिया लागू करने जा रहा है।

    दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने बताया कि इस पहल से यात्री संपर्क रहित स्मार्ट कार्ड, मोबाइल भुगतान, क्यूआर कोड, डेबिट और क्रेडिट कार्ड तथा नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) का उपयोग करके किराया चुका सकेंगे।

    सिंह ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य यात्रियों को निर्बाध यात्रा प्रदान करना है, जबकि पेपर आधारित प्रणालियों से जुड़ी परिचालन अक्षमताओं को कम करना है।

    स्मार्ट कार्ड के लिए यात्रियों को देने होंगे 50 रुपये 

    उन्होंने कहा कि यह परियोजना वर्तमान में राजघाट, हसनपुर और कालकाजी डिपो में चालू है। ऑटोमेटेड फेयर कलेक्शन सिस्टम (एएफसीएस) लागू करने वाली एजेंसी दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-माॅडल ट्रांजिट सिस्टम (डिम्टस) यह कार्ड जारी करेगी, जिसके लिए यात्रियों को एक बार में 50 रुपये का शुल्क देना होगा।

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    कार्ड जारी करने की वास्तविक लागत 71 रुपये है, जिसका आंशिक खर्च डिम्टस उठाएगा। एक अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक पास नवीनीकरण पर 14 रुपये खर्च होंगे।

    डीटीसी ने 5,700 इलेक्ट्राॅनिक टिकटिंग मशीनों को दी मंजूरी

    डीटीसी ने 5,700 इलेक्ट्राॅनिक टिकटिंग मशीनों के क्रियान्वयन को मंजूरी दे दी है। इन उपकरणों का उपयोग कंडक्टर डिजिटल भुगतान विकल्पों के माध्यम से टिकट जारी करने के लिए करेंगे, जिससे प्रक्रिया तेज़, अधिक पारदर्शी और उपयोगकर्ता के अनुकूल हो जाएगी।

    डीटीसी के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि इस पहल से सरकार को वित्तीय मदद मिलने की उम्मीद है, क्योंकि टिकट से होने वाले राजस्व पर डिम्टस को दिया जाने वाला सेवा शुल्क बिना किसी न्यूनतम राजस्व गारंटी के मौजूदा एक प्रतिशत से घटाकर 0.75 प्रतिशत कर दिया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग ने डिम्टस से परियोजना के क्रियान्वयन और इसके लिए आवश्यक जनशक्ति की लागत को भी अपने ऊपर लेने का अनुरोध किया है। इन लागतों को कम करने से टिकट की कीमत भी कम हो जाएगी।

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