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    UPSC के रिजल्ट में दिल्ली के अनिरुद्ध यादव को मिली 8वीं रैंक, भाई से IAS बनने की मिली प्रेरणा

    By Ritika MishraEdited By: Shyamji Tiwari
    Updated: Wed, 24 May 2023 11:55 PM (IST)

    संघ लोक सेवा आयोग ने मंगलवार को UPSC सीएसई (सिविल सेवा परीक्षा) का परिणाम जारी किया है। इसमें दिल्ली के रहने वाले अनिरुद्ध यादव को आठवीं रैंक मिली है। ...और पढ़ें

    UPSC के रिजल्ट में दिल्ली के अनिरुद्ध यादव को मिली 8वीं रैंक

    नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। संघ लोक सेवा आयोग ने मंगलवार को यूपीएससी सीएसई (सिविल सेवा परीक्षा) का परिणाम जारी किया है। इसमें दिल्ली के रहने वाले अनिरुद्ध यादव को आठवीं रैंक मिली है। स्कूल की पढ़ाई दिल्ली के संस्कृति स्कूल से पूरी करने के बाद आईआईटी दिल्ली से बायोटेक्नोलाजी में इंजीनियरिंग करने वाले अनिरुद्ध शुरु से ही पढ़ाई में टापर रहे हैं।

    चौथे अटेंप्ट में अनिरुद्ध को मिली सफलता

    उनके 10वीं में 9.6 सीजीपीए और 12वीं में 94.2 प्रतिशक अंक आए थे। 27 वर्षीय अनिरुद्ध का ये चौथ अंटेप्ट था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में उन्होंने पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी थी। हालांकि, तब उन्हें आईआरपीएस (इंडियन रेलवे पर्सनल सर्विसेज) मिला था। इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्हें भारतीय सूचना सेवा यानी आईआईएस मिला था। उन्होंने कहा कि आईआईएस की नौकरी लगने के बाद भी उनका प्रयास आईएएस बनने के लिए था।

    वर्ष 2021 में उन्होंने तीसरा प्रयास किया, लेकिन प्रिलियम्स में ही उनको असफलता मिल गई। उन्होंने प्रयास में कोई कमी नहीं छोड़ी और फिर से पढ़ाई के लिए मेहनत शुरू कर दी। चौथे प्रयास में उनको सफलता मिल गई।इसके लिए उन्होंने एक दिन में 16 से 17 घंटे पढ़ाई भी की थी। उन्होंने बताया कि वो आगे चलकर ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को सुधारने का काम करना चाहते हैं। उन्होंने अपनी वरीयता हरियाणा, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश को दी है।

    परिवार को दिया सफलता का श्रेय

    उनके पिता अभी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में बतौर महानिदेशक (जांच) कार्य कर रहे हैं। वहीं, उनके भी आईएएस हैं और असम में पदस्थ है। अनिरुद्ध बताते हैं कि यूपीएससी या अन्य कोई भी परीक्षा में छात्र तभी पास हो सकता है जब वो निरंतरता से पढ़ाई करे। उन्होंने आईएएस परीक्षा में अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को दिया और कहा कि यह सफलता एक अकेले प्रयास से नहीं, बल्कि कई लोगों के संयुक्त प्रयास से मिली है।