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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Airport: देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट पर बड़ी परेशानियां, यात्री भी पीटते हैं माथा; कब सुधरेंगे हालात

Published: Sun, 13 Oct 2024 10:13 PM (IST)

Delhi Airport News आईजीआई एयरपोर्ट पर तीनों टर्मिनल के बीच यात्रा करने के लिए यात्रियों को कई परेशानियों का सामना ...और पढ़ें

दिल्ली एयरपोर्ट के तीनों टर्मिनल्स के बीच कनेक्टविटी नहीं है ठीक।
दिल्ली एयरपोर्ट के तीनों टर्मिनल्स के बीच कनेक्टविटी नहीं है ठीक।

HighLights

  1. देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट के एक से दूसरे टर्मिनल पर पहुंचना नहीं है आसान।
  2. टर्मिनल 1 से टर्मिनल 2 व 3 के बीच की दूरी तय करने में यात्रियों को होती है परेशानी।

गौतम कुमार मिश्रा, नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट आईजीआई (IGI Airport Delhi) के तीनों टर्मिनल को आपस में जोड़ने के लिए प्रस्तावित एयर ट्रेन योजना कब मूर्ति रूप लेगी, इसे लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल जाने के लिए वर्तमान उपलब्ध सुविधाओं की बात करें तो हाल फिलहाल ऐसा कुछ भी होता नजर नहीं आ रहा है, जिससे यात्रियों के लिए एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल के बीच की आवाजाही सुगम हो।

तमाम समस्याओं के बीच सबसे अधिक दिक्कत टर्मिनल वन के यात्रियों को हो रही है। यहां से टर्मिनल 2 व 3 के बीच की दूरी करीब 8.4 किलोमीटर है। इस दूरी को तय कैसे किया जाए, यह यात्रियों के लिए एक बड़ा प्रश्न है। डायल (DIAL) के एक्स हैंडल पर यात्री अक्सर टर्मिनलों के बीच की बस सर्विस पर नाराजगी जाहिर करते रहते हैं।

टर्मिनल 1 पर शटल बस सेवा का इंतजार कर रही महिला यात्री।

टर्मिनल 1, बस सेवा तीन, फिर भी इंतजार

टर्मिनल 1 पर तीन तरह की बस सेवा उपलब्ध है। इसमें एक इंटर टर्मिनल शटल बस सेवा, मेट्रो फीडर बस सेवा व तीसरी डीटीसी की बस सेवा है। कहने को तीन तरह की बस सेवा एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल के बीच की यात्रा के लिए उपलब्ध है, लेकिन कई मौकों पर तीनों ही बस सेवाओं की मौजूदगी टर्मिनल पर नजर नहीं आती है।

यात्रियों को मजबूरी में लेनी पड़ती है कैब

तब ऐसे यात्री जिन्हें इंटरचेंज कर टर्मिनल 1 से टर्मिनल 2 या 3 जाना होता है, वे बस सेवा के इंतजार के बजाय कैब सेवा लेना पसंद करते हैं। खासकर ऐसे यात्री जिनका विमान निर्धारित समय से देर यहां पहुंचता है और उन्हें अगली उड़ान टर्मिनल 2 से 3 से पकड़नी होती है, उनकी कोशिश होती है कि वे जल्द से जल्द टर्मिनल 2 या टर्मिनल 3 पर पहुंचे। ऐसे में वे कैब सेवा लेना पसंद करते हैं। यात्रियों की मजबूरी का फायदा कई बार कैब चालक उठाकर मनमाना किराया वसूलते हैं।

अलग-अलग बस सेवा का किराया अलग-अलग

टर्मिनल 1 पर उपलब्ध तीनों बस सेवाओं का किराया अलग-अलग है। मेट्रो फीडर बस से यदि आप टर्मिनल 2 जाना चाहें तो आपको 40 रुपये का किराया देना होगा। यही यदि आप एयरपोर्ट की शटल बस सेवा लेते हैं तो टर्मिनल दो के लिए आपको 50 रुपये देने होंगे। अलग-अलग किराया होने से यात्रियों के बीच भ्रम की स्थिति बनती है, कई बार तो उन्हें लगता है कि वे भ्रम के शिकार हो रहे हैं।

कहने को इंटरचेंज वाले यात्रियों के लिए शटल बस सेवा मुफ्त है, लेकिन कई बार जल्दबाजी के कारण उन्हें जो भी बस नजर आती है, उन्हें इंतजार व अलग-अलग किराया दोनों अखरने लगता है। एक यात्री ने बताया कि टर्मिनल 2 व 3 के बीच की दूरी एक किलोमीटर से भी कम की है, लेकिन किराया में दो गुना अंतर है।

साइनेज बोर्ड का अभाव अखरने वाला

यात्रियों का कहना है कि कौन सी बस सेवा कहां मिलेगी, इसके लिए टर्मिनल पर कोई साइनेज बोर्ड की सही प्रणाली नहीं है। बस कहां रुकेगी, यह पता करना यात्रियों के लिए काफी मुश्किल है। काफी पूछताछ के बाद शटल बस सेवा के लिए उपलब्ध जगह का पता तो चल जाता है लेकिन मेट्रो की फीडर बस सेवा या डीटीसी बस के लिए कहां खड़ा हुआ जाए, यह पता नहीं चलता। इससे भ्रम की स्थिति बनती है। कई बार बसें वहां खड़ी रहती हैं जहां नो पार्किंग लिखा हुआ रहता है।