Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Delhi Airport पर बम की अफवाह: 13 साल के लड़के को पकड़ा गया, बोला- मजे के लिए भेजा था ईमेल

    By Agency Edited By: Sonu Suman
    Updated: Sun, 23 Jun 2024 03:37 PM (IST)

    पुलिस उपायुक्त (आईजीआई एयरपोर्ट) उषा रंगनानी ने कहा कि लड़के ने एक अन्य किशोर की खबर से प्रभावित होकर मनोरंजन के लिए यह मेल भेजा था। डीसीपी ने कहा कि यह घटना सोमवार को हुई जब 18 जून को दुबई जाने वाली उड़ान में बम की धमकी के संबंध में शिकायत दर्ज की गई थी। शिकायत के आधार पर एक प्राथमिकी दर्ज की गई और जांच शुरू की गई।

    Hero Image
    Delhi Airport पर बम की अफवाह: 13 साल के लड़के को पकड़ा गया।

    पीटीआई, नई दिल्ली। दिल्ली हवाईअड्डे पर धमकी भरा एक ईमेल भेजने के आरोप में 13 वर्षीय एक लड़के को गिरफ्तार किया गया है। इसने कथित तौर पर दिल्ली से दुबई जाने वाले विमान में बम रखे जाने का दावा किया था। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। 

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    पुलिस उपायुक्त (आईजीआई एयरपोर्ट) उषा रंगनानी ने कहा कि लड़के ने एक अन्य किशोर की खबर से प्रभावित होकर मनोरंजन के लिए यह मेल भेजा था। डीसीपी ने कहा कि यह घटना सोमवार को हुई जब 18 जून को दुबई जाने वाली उड़ान में बम की धमकी के संबंध में शिकायत दर्ज की गई थी। शिकायत के आधार पर, एक प्राथमिकी दर्ज की गई और जांच शुरू की गई। डीसीपी ने कहा, "यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी दिशानिर्देशों, प्रोटोकॉल और एसओपी का पालन किया गया।"

    आरोपी को उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से पकड़ा गया

    उन्होंने कहा, "हवाईअड्डे को हाई अलर्ट पर रखा गया था और आपातकाल घोषित कर दिया गया था। हालांकि, जांच के दौरान ईमेल फर्जी निकला।" रंगनानी ने कहा, "जांच के दौरान पता चला कि ईमेल भेजने के तुरंत बाद ई-मेल आईडी हटा दी गई थी। ईमेल का पता उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में लगाया गया था।" उन्होंने कहा, "एक टीम भेजी गई और फर्जी ईमेल भेजने के आरोप में लड़के को पकड़ लिया गया।"

    आरोपी को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया

    उन्होंने कहा कि लड़के ने पुलिस टीम को बताया कि उसके माता-पिता ने उसे पढ़ाई के लिए एक मोबाइल दिया था जिसके माध्यम से उसने ईमेल भेजा और बाद में अपनी आईडी हटा दी। उसने डर के कारण अपने माता-पिता के साथ कोई जानकारी साझा नहीं की। उसे पकड़ लिया गया और उसके माता-पिता को सौंप दिया गया।