DDCA चुनाव में अवैध होर्डिंग्स की लगी भरमार, कई इलाकों में जमकर हो रही पोस्टरबाजी; MCD एक्ट का खुलेआम उल्लंघन
दिल्ली क्रिकेट जिला संघ (डीडीसीए) चुनाव में सार्वजनिक संपत्तियों को जमकर नुकसान पहुंचाया जा रहा है। अवैध रूप से लगे पोस्टर और होर्डिंग्स सड़क हादसों का कारण बन सकते हैं। निगम प्रशासन कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति कर रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने डीयू छात्र संघ चुनाव के दौरान परिसरों को हुए नुकसान के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए मतगणना पर रोक लगा दी थी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली क्रिकेट जिला संघ (डीडीसीए) चुनाव में सार्वजनिक संपत्तियों को जमकर गंदा किया जा रहा है। बहादुर शाह जफर मार्ग से लेकर विकास मार्ग, रिंग रोड और दिल्ली गेट के पास जमकर पोस्टरबाजी हो रही है। अवैध रूप से लगे अवैध होर्डिंग्स पोस्टर सड़क हादसे का कारण भी बन सकते हैं। प्रमुख मार्गों पर अस्थायी रूप से लटका दिया है।
वहीं, निगम प्रशासन भी कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति करने पर जुटा है। शनिवार को निगम के कर्मी पोस्टर होर्डिंग्स हटाते हुए तो नजर आए लेकिन बावजूद इसके बड़ी संख्या में होर्डिंग्स और पोस्टर लगए हुए दिखाई दे रहे हैं। पोस्टर को हटाने में नरमी बरती जा रही है। इस कारण कई जगहों पर आधे-अधूरे हटे होर्डिंग्स से शहर की खूबसूरती भी खराब हो गई है।
स्ट्रीट लाइट के खंभों पर होर्डिंग्स लटके हुए
इन मार्गों पर डिवाइडर की ग्रिल और स्ट्रीट लाइट के खंभों पर होर्डिंग्स लटके हुए हैं। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार इस साल सार्वजनिक संपत्तियों को विरूपित करने के ने के मामलों में भारी वृद्धि हुई है। 31 अक्टूबर तक ऐसे 2,450 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 में दर्ज 1,187 मामलों की तुलना में 106 प्रतिशत अधिक हैं। 2022 में यह संख्या 798 थी।
एक्ट के उल्लंघन पर सजा का प्रावधान
एमसीडी एक्ट में कानून के तहत सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर छह माह की जेल औ एक हजार रुपये रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। निगम अधिकारी का कहना है कि लगातार अभियान चल रहा है। शनिवार को भी बड़ी मात्रा में होर्डिंग्स और पोस्टर को हटाया गया है। शेष भी जल्द हटा दिए जाएंगे। आने वाले कुछ दिनों में ये होर्डिंग्स और पोस्टर नजर नहीं आएंगे।
दिल्ली हाईकोर्ट ने डुसू चुनाव के परिणाम पर लगाए थे रोक
उल्लेखनीय है कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनावों के दौरान परिसरों को हुए नुकसान के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए तब तक मतगणना पर रोक लगा दी थी। दीवारों की मरम्मत और सफाई सुनिश्चत होने के बाद ही इसकी इजाजत दी गई थी। उल्लेखनीय है कि अरुण जेटली स्टेडियम में डीडीसीए चुनाव के तहत मतदान 13, 14 और 15 दिसंबर तक होंगे। जबकि परिणाम 16 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे।
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