हरियाणा से सटे नरेला में भविष्य की संभावनाएं तलाश रहा DDA, बनेगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम; बेहतर होगी कनेक्टिविटी
पूरे नरेला उप-शहर में लगभग 9866 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल है जिसमें से परियोजना क्षेत्र 3828 हेक्टेयर है। लैंड पूलिंग क्षेत्र 3537 हेक्टेयर है और 2501 हे ...और पढ़ें

संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। नरेला उपनगरी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और पांच सितारा होटल बनाने की योजना निश्चित तौर पर हरियाणा से सटे इस क्षेत्र का समावेश दिल्ली के प्रमुख इलाकों में करेगी। मध्य दिल्ली को छोड़ दें तो राजधानी में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम कहीं नहीं है।
सोनीपत तक का इलाका होगा लाभान्वित
इसी तरह रोहिणी के अलावा बाहरी दिल्ली में और बार्डर पार कर सोनीपत तक पांच सितारा होटल भी कोई नहीं है। ऐसे में निश्चित तौर पर यह निर्णय दिल्ली- हरियाणा के लामपुर / सिंघु बार्डर पर बसे नरेला को भविष्य में एक नई पहचान दिलाएगा। अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में अब कहीं जगह नहीं बची है। हर जगह भीड़भाड़ वाला माहौल है।
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अभी उद्योगों से थी नरेला की पहचान
ऐसे में नरेला और आसपास वाले इलाकों में ही विकास की संभावनाएं हैं। लिहाजा, डीडीए भी, एलजी वीके सक्सेना भी नरेला में ही भविष्य की संभावनाएं तलाश रहे हैं।
दूसरी तरफ एलजी ने बेहतर कनेक्टिविटी, नागरिक बुनियादी ढांचे और नई परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देने को भी कहा है। नरेला की पहचान अभी तक नए उद्योगों के लिए थी, जिन्हें दिल्ली के कुछ क्षेत्रों से स्थानांतरित किया गया था।
द्वारका की तर्ज पर विकसित किया जाएगा उप-शहर
पूरे नरेला उप-शहर में लगभग 9866 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल है, जिसमें से परियोजना क्षेत्र 3828 हेक्टेयर है। लैंड पूलिंग क्षेत्र 3537 हेक्टेयर है और 2501 हेक्टेयर को ग्रीन बेल्ट के रूप में परिभाषित किया गया है।
जिन संस्थानों को पहले ही भूमि आवंटित की जा चुकी है उनमें एनआइटी- 20.8 हेक्टेयर, इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय (आइजीडीटीयूडब्ल्यू)- 20 हेक्टेयर और राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान- 4.04 हेक्टेयर शामिल हैं।
प्रस्तावित योजना के तहत गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय को 8.08 हेक्टेयर और दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय (डीईटीयू) को 4.04 हेक्टेयर आवंटित किया जाना है।
बनेगा लाजिस्टिक्स पार्क
नरेला में करीब 40 हेक्टेयर क्षेत्र में मल्टीमाडल लाजिस्टिक्स पार्क बनाने की योजना है। इसके अलावा कारपोरेट पार्क, शापिंग माल सहित अन्य बड़े वाणिज्यिक केंद्र भी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
इसके अलावा लोगों की सुविधा के लिए 7.28 हेक्टेयर में क्लब और स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, 16 हेक्टेयर में जिला जेल, टिकरी खुर्द के पास जिला न्यायालय के लिए चार हेक्टेयर, जिला पार्क अर्थात सेक्टर ए-7 में स्मृति वन के लिए 15.8 हेक्टेयर, औद्योगिक क्षेत्र में तीन डीएसआईआईडीसी के लिए नरेला में 247 हेक्टेयर और बवाना 221 हेक्टेयर और भोरगढ़ में 172 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है।
69 हेक्टेयर में सुरक्षित सिक्योर्ड लैंडफिल फेसेलिटी (एसएलएफ) साइट के अलावा 14.6 हेक्टेयर में अनाज मंडी और 8.5 हेक्टेयर में ई-कचरा प्रबंधन के लिए ईको पार्क के रूप में विकसित करने की भी योजनाएं चल रही हैं।
बेहतर होगी कनेक्टिविटी
नरेला में परिवहन सुविधा को बेहतर बनाने के लिए फेज-4 के तहत रिठाला, बवाना, नरेला कॉरिडोर पर सड़क, रेल व हवाई अड्डे और मेट्रो की कनेक्टिविटी के विकास की भी योजना है।
एलजी के साथ बैठक में लिए गए निर्णयों पर जल्द ही अमल शुरू हो जाएगा। रिक्वेस्ट फार प्रपोजल भी अगले कुछ दिनों में आमंत्रित कर लिए जाएंगे। आने वाले समय में नरेला पिछड़ा नहीं बल्कि दिल्ली का सबसे विकसित इलाका होगा।
-सुभाशीष पांडा, उपाध्यक्ष, डीडीए

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