जवान बेटी को दफनाकर ऊपर पिछले दो साल से सो रहे थे मां-बाप
शक था कि पिंकी नौकरी के दौरान उस युवक से मिलती है, ऐसे में उन्होंने उससे नौकरी छोड़ने के लिए कहा। इससे वह तनाव में आ गई और खुदकुशी कर ली।

फरीदाबाद (जेएनएन)। अगर बच्चे को जरा सी भी खरोंच आ जाए तो माता-पिता की जान निकल जाती है, लेकिन सराय ख्वाजा क्षेत्र की संतोष कॉलोनी में 16 साल की बेटी की लाश को दफना कर माता-पिता पिछले दो साल से उसके ऊपर तख्त बिछाकर सोते थे। उन्हें यकीन था कि बेटी की लाश के साथ ही उसकी मौत का राज भी दफन हो गया, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
सेक्टर-30 क्राइम ब्रांच पुलिस प्रभारी सतेंद्र रावल को मिली एक गुमनाम चिट्ठी से इससे पर्दा उठ गया। पुलिस ने फर्श तोड़कर करीब पांच फुट खोदाई करने के बाद लड़की का कंकाल बरामद कर लिया है। उसे पोस्टमॉर्टम के लिए पीजीआइ रोहतक भिजवाया है।
यह भी पढ़ेंः दोस्तों संग किया था पत्नी से गैंगरेप, सामने आया हैरान करने वाला सच
माता-पिता ने बताया कि बेटी की शादी तय कर दी थी, मगर वह किसी अन्य युवक से शादी करना चाहती थी। इसलिए उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने भी बदनामी से बचने के लिए शव अपने ही घर में दफना दिया। इसके बाद ऊपर से फर्श बना दिया।
अब पोस्टमॉर्टम के बाद ही पता चल सकेगा कि यह आत्महत्या थी या फिर उसकी हत्या की गई थी। पान का खोखा लगाने वाले रामबाबू सराय ख्वाजा क्षेत्र के संतोष नगर में सपरिवार रहते हैं।
परिवार में तीन बेटों के अलावा एक बेटी पिंकी (16) थी। पिंकी डीएलएफ स्थित एक फैक्टरी में नौकरी करती थी। वहां उसका एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग हो गया था। जब यह बात परिजनों को पता चली तो उन्होंने उसका रिश्ता कहीं और तय कर दिया।
उन्हें शक था कि पिंकी नौकरी के दौरान उस युवक से मिलती है, ऐसे में उन्होंने उससे नौकरी छोड़ने के लिए कहा। इससे वह तनाव में आ गई। रामबाबू के अनुसार 14 जुलाई 2015 को दिन में उसने पंखे से लटक कर खुदकशी कर ली।
घर पर उस समय रामबाबू के अलावा उनकी पत्नी पूनम व बेटा संतोष था। उन्होंने उसे फंदे पर से उतारा। बकौल रामबाबू, मुझे लगा कि बेटी की खुदकशी की खबर से हमारी बदनामी होगी, इसीलिए मैंने लाश को घर में ही दफना दिया। जहां बेटी को दफनाया, उसके ऊपर तख्त डाल दी।’

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।