Delhi: हुमायूं के मकबरे में ढूंढी जाएगी दारा शिकोह की कब्र, जानिए कब से शुरू होगा काम
पुरातत्वविद् शैयद जमाल हसन ने बताया कि शाहजहांनामा में इस बात का जिक्र है दारा शिकोह को हथकड़ियों में जकड़ कर हाथी पर घुमाया गया। उन्हें अपमानित किया गया। उसके बाद उनका हुमायूं के मकबरे में कत्ल कर दिया गया और यहां दफनाया गया।
नई दिल्ली [वीके.शुक्ला]। हुमायूं के मकबरे में दारा शिकोह की कब्र अब कोरोना काल के बाद ढूंढी जाएगी। कब्र कौन ही है और कहां पर है, इसका पता लगाने के लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने गत जनवरी में एक कमेटी बनाई है। इस कमेटी में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) से संबंधित पूर्व अधिकारी व देश के बड़े पुरातत्वविद् शामिल हैं। इसमें पदमश्री आरएस बिष्ट, केएन दीक्षित,पदमश्री डा. के के मोहम्मद, शैयद जमाल हसन व बीएम पांडेय आदि के नाम हैं। कमेटी को तीन माह में अपनी रिपोर्ट देनी थी, मगर कोरोना काल के चलते यह कार्य पिछड़ गया है। अब कोरोना काल समाप्त होने के बाद इस बारे में आगे की कार्रवाई होगी।
पुरातत्वविद् शैयद जमाल हसन ने बताया कि शाहजहांनामा में इस बात का जिक्र है दारा शिकोह को हथकड़ियों में जकड़ कर हाथी पर घुमाया गया। उन्हें अपमानित किया गया। उसके बाद उनका हुमायूं के मकबरे में कत्ल कर दिया गया और यहां दफनाया गया। कमेटी तीन माह में इस बारे में रिपोर्ट देगी कि दारा शिकोह की कब्र कौन सी है। उन्होंने बताया कि कमेटी ने अपना काम शुरू कर दिया है। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल भी हुमायूं के मकबरा पहुंचे। उन्होंने उन कब्रों को देखा जो हुमायूं के मकबरे के बाहर के भाग में चबूतरे पर हैं। कब्र को ढूंढ कर वहां पर अलग से सम्मान स्वरूप व्यवस्था की जाएगी। बता दें कि दारा किशोह की कब्र उस समय चर्चा में आई थी जब कुछ साल पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हुमायूं के मकबरे में भ्रमण के दौरान इस कब्र को देखने की इच्छा जताई थी। वह इन कब्रों वाले स्थान पर भी गए थे।
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