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    सावधान! दिल्ली में 14 रुपये के नाम पर दो लाख का चूना, साइबर ठगों ने अपनाया नया तरीका

    Updated: Wed, 02 Apr 2025 10:58 PM (IST)

    Delhi Cyber Fraud सावधान! दिल्ली जल बोर्ड के नाम पर साइबर ठग कर रहे हैं ठगी। बकाया पानी का बिल भरने के नाम पर लोगों को शिकार बना रहे हैं। एक पीड़ित से 14 रुपये के बिल पर करीब दो लाख रुपये ठगे। जानिए कैसे करते हैं ये ठगी और कैसे बचें इनसे। लेख के माध्यम से पढ़िए पूरा मामला।

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    Delhi News: 14 रुपये के बिल के नाम पर दो लाख की साइबर ठगी। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली जल बोर्ड का फर्जी एप बनाकर साइबर अपराधी पानी का बकाया बिल भरवाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे हैं। ताजा मामले में साइबर ठग ने एक व्यक्ति का 14 रुपये का बकाया बिल भरवाने के नाम पर उनसे करीब दो लाख रुपये ठग लिए।

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    पीड़ित का कहना है पिछले कुछ दिनों से लोगों के वाट्सएप पर पानी का बकाया बिल भरने के मैसेज लगातार आ रहे हैं। संभावना है उनमें कई लोग साइबर ठगों के शिकार हो गए हों। पीड़ित अवधेश कुमार का कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली सरकार ने लोगों को अपने पानी का बकाया बिल जमा कर देने की बात कही थी।

    दिल्ली जल बोर्ड का फर्जी ऐप बना लोगों को भेजता था मैसेज 

    फिर पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा था कि उनकी सरकार आने पर पानी का बिल माफ कर दिया जाएगा। उसके बाद से ही साइबर अपराधी सक्रिय हो गए और दिल्ली जल बोर्ड का फर्जी ऐप बना लोगों को मैसेज भेजना शुरू कर दिया कि आपके यहां रात नौ बजे से पानी आना बंद हो जाएगा।

    बकाया बिल जमा करने पर एक नंबर पर संपर्क करने की बात कही गई। 31 मार्च को इस तरह मैसेज जारी हुआ। मैसेज की अनदेखी करने पर कुछ समय बाद फोन आना शुरू हो गया। कालर ने बताया कि यह जल बोर्ड का एप है। उन्हें एप डाउनलोड कर बिल भरने के लिए कहा।

    साइबर ठगों ने अकाउंट से निकाले पैसे

    उसमें बिल का परफोर्मा था। उनका 14 रुपये का बिल बकाया दिख रहा था। कालर ने बताया कि बिल भरने के दौरान उनके पास एक ओटीपी आएगा। वह ऐप में ओटीपी नंबर डाल दें। कॉलर की बातों पर उन्हें संदेह हुआ इसपर उन्होंने पूछा भी कि वह ऐसे कैसे बिल जमा करवा रहे हैं।

    इस पर कॉलर ने बताया कि उसने बहुत से लोगों का इसी तरह से बिल भरवाया है। इसके बाद उन्होंने डेबिट कार्ड नंबर और पिन नंबर भर दिया। उसके बाद से साइबर ठग अकाउंट से पैसे निकलना शुरू कर दिया। निजी जानकारी साझा करते ही कॉलर का उनके मोबाइल में एक्सेस हो गया।

    पुलिस मामले की कर रही जांच

    कॉलर ने उनके फोन की सारी जानकारी ले ली। अकाउंट से जितनी बार पैसे निकाला गया उतनी बार फोन में ओटीपी आया। कालर उनका फोन देख रहा था इसलिए उसे ओटीपी आसानी से मिल रहा था। जब तक मुझे इसका एहसास हुआ तब तक पंजाब नेशनल बैंक के एक ही अकाउंट से तीन बार पैसे निकल चुके थे।

    करीब दो लाख रुपये अकाउंट से निकल चुके थे। उसके बाद उन्होंने पहले इंटरनेट बंद किया। अवधेश कुमार का कहना है कि उस समय वह किसी को फोन नहीं कर सकते थे क्योंकि उनके फोन के सारे नंबर साइबर अपराधी के पास चले गए थे। इसके बाद उन्होंने साइबर थाने जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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