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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नक्सली हमले में घायल CRPF जवान को गंवाना पड़ा एक पैर, ICU में भर्ती; हालत बनी है स्थिर

Published: Wed, 07 May 2025 03:22 PM (IST)

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सली हमले में घायल सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन के कमांडेंट सागर बोराडे को अपना एक पैर ...और पढ़ें

नक्सली हमले में घायल सीआरपीएफ जवान को गंवाना पड़ा एक पैर। जागरण फोटो
नक्सली हमले में घायल सीआरपीएफ जवान को गंवाना पड़ा एक पैर। जागरण फोटो

HighLights

  1. छत्तीसगढ़ के रायपुर से एयर लिफ्ट करके लाए गए दिल्ली।
  2. एम्स ट्रॉमा सेंटर के आसीयू में हैं भर्ती, हालत बनी है स्थिर।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के बीजापुर और तेलंगाना की सीमा के नजदीक केजीएच हिल पर नक्सली हमले में घायल हुए सीआरपीएफ के 204 कोबरा बटालियन के सहायक कमांडेंट सागर बोराडे को एक पैर गंवाना पड़ा।

उन्हें छत्तीसगढ़ के रायपुर से एयर लिफ्ट कर रविवार को दिल्ली लाया गया। एयरपोर्ट से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर उन्हें एम्स ट्रॉमासेंटर के प्राइवेट वार्ड में भर्ती किया गया है, जहां ट्रॉमासर्जरी विभाग के डाक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। एम्स के डाक्टर बताते हैं कि उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। ट्रॉमासर्जरी और क्रिटिकल केयर के विशेषज्ञ डाक्टर उनका इलाज कर रहे हैं।

जवान को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया

मंगलवार शाम को सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने ट्रॉमासेंटर पहुंचकर उनका हाल लिया।बताया जा रहा है कि सर्च आपरेशन के दौरा कमांडेंट सागर बोराडे अदम्य साहस का परिचय दिया। सर्च आपरेशन के दौरान आइईडी विस्फोट में सीआरपीएफ के एक जवान के गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्होंने अपनी सुरक्षा का परवाह किए बगैर उस जवान को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया।

बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया बायां पैर

इस दौरान एक आइईडी ब्लास्ट होने से वह घायल हो गए और उनका बायां पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। खून से लथपथ और तेज दर्द के बावजूद उन्होंने अपना होश नहीं खोया। उन्हें एयर लिफ्ट करके रायपुर स्थित नारायणा अस्पताल ले जाया गया, जहां पाया गया कि उनके बायें पैर, एंडी और बायें हाथ में गंभीर चोट आई थी।

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उन्हें इलाज के लिए दिल्ली एम्स ट्रॉमासेंटर में रेफर कर दिया गया। एम्स के एक डाक्टर ने बताया कि रक्त स्राव नियंत्रित होने के बाद संक्रमण से बचाव के लिए उनके बायां पैर के नीचे का हिस्सा काटना पड़ा। हाथ में भी टांके लगाए गए हैं। अब जख्म में सुधार है।