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    North MCD: रानी खेड़ा में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाने का भाजपा में ही विरोध, योजना पर संकट के बादल

    By Mangal YadavEdited By:
    Updated: Thu, 31 Dec 2020 06:05 AM (IST)

    पार्षद जयेंद्र डबास का कहना है कि जहां पर वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाया जाना है वह आबादी के बहुत नजदीक है। क्षेत्रीय जनता ने मुझे चुना हैं और वह जनता के साथ इस प्लांट के विरोध में खड़े रहेंगे।

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    कूड़े के निस्तारण से बनने वाली बिजली या ईधन की बिक्री में निगम को भी हिस्सेदारी मिलेगी।

    नई दिल्ली [निहाल सिंह]। कूड़े के निस्तारण के लिए उत्तरी दिल्ली नगर निगम की महत्वकांक्षी रानी खेड़ा वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का विरोध शुरु हो गया है। सत्तारुढ भाजपा के पार्षद इस प्लांट को रानी खेड़ा में लगाने का विरोध कर रहे हैं। भाजपा के विरोध के साथ आम आदमी पार्टी (आप) के स्थानीय पार्षद भी इसका विरोध कर रहे हैं। इससे रानी खेड़ा में इस प्लांट के लगाए जाने पर निगम की योजना पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। हालांकि भाजपा व आप के पार्षदों के विरोध के बावजूद निगम सदन ने इस प्रस्ताव को शर्तों के साथ पारित कर दिया है।

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    सोमवार को हुई सदन की बैठक में भाजपा के पार्षद जयेंद्र डबास व आप पार्षद रविंद्र भारद्वाज ने इसका खुलकर विरोध किया। दोनों का कहना है कि इससे यहां पर रहने वाले नागरिकों को असुविधा होगी। साथ ही कूड़े की आवाजाही से बीमारी फैसले का भी खतरा है। दरअसल, निगम की योजना है कि कूड़े के निस्तारण के लिए निगम कूड़े से ईधन बनाए। इससे लैंडफिल साइट की ऊंचाई भी कम होगी साथ ही कूड़ा निस्तारण करने में निगम को कामयाबी भी मिलेगी। प्रस्ताव के मुताबिक निगम यहां पर इंडियन ऑयल के सहयोग से यह प्लांट लगाएगा। जिसमें निगम केवल जमीन उपलब्ध कराएगा। इसके एवज में इंडियन ऑयल यहां पर प्लांट की स्थापना करेगी। इसमें 2200 टन कूड़े का निस्तारण प्रतिदिन होगा। प्रस्ताव के अनुसार कूड़े के निस्तारण से बनने वाली बिजली या ईधन की बिक्री में निगम को भी हिस्सेदारी मिलेगी।

    क्या कहते हैं पार्षद

    रानीखेड़ा के पार्षद जयेंद्र डबास का कहना है कि जहां पर यह प्लांट लगाया जाना है वह आबादी के बहुत नजदीक है। क्षेत्रीय जनता ने मुझे चुना हैं और वह जनता के साथ इस प्लांट के विरोध में खड़े रहेंगे। महापौर से बातचीत हुई हैं उन्होंने इसका समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। प्लांट से हमारा विरोध नहीं है रानी खेड़ा में इसे लगाने पर हमारा विरोध है। आबादी से दो किलोमीटर दूर इस प्लांट को लगाया जाए।

    अमन विहार के पार्षद रविंद्र भारद्वाज का कहना है कि स्थायी समिति में जब यह प्रस्ताव आया था तब भी हमने इसका विरोध किया था। हमारी मांग है कि आबादी के बीच में इस प्लांट को न लगाया जाए। अगर वह प्लांट रानी खेड़ा में लगाया जाएगा तो हम भी इसका विरोध करेंगे।

    उत्तरी दिल्ली के महापौर जय प्रकाश का इस संबंध में कहना है कि कू़ड़े की समस्या को खत्म करने के लिए हमने प्लांट लगाने का प्रस्ताव पारित किया है। पार्षदों के विरोध के बाद हमने तय स्थान व किसी अन्य स्थान पर लगाने की सशर्त मंजूरी दी है। हम भी जनता की समस्याओं को समझते हैं और जो भी फैसला होगा जनहित में होगा।

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