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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मनोरंजन सबके लिए अच्छा है... चंडीगढ़ मेयर केस की सुनवाई के दौरान क्यों हंसने लगे CJI डीवाई चंद्रचूड़

Published: Tue, 20 Feb 2024 08:29 PM (IST)

CJI चंद्रचूड़ ने रिटर्निंग ऑफिसर से सवाल-जवाब भी किए। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपने फैसले में कहा कि पीठासीन ...और पढ़ें

चंडीगढ़ मेयर केस की सुनवाई के दौरान क्यों हंसने लगे CJI डीवाई चंद्रचूड़
चंडीगढ़ मेयर केस की सुनवाई के दौरान क्यों हंसने लगे CJI डीवाई चंद्रचूड़

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चंडीगढ़ मेयर चुनाव के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला मंगलवार को आ गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को कुलदीप कुमार को चंडीगढ़ का मेयर घोषित कर दिया गया है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में बैलेट पेपर पर रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा टिक करने का वीडियो चलाया गया।

CJI ने की सख्त टिप्पणी

CJI चंद्रचूड़ ने रिटर्निंग ऑफिसर से सवाल-जवाब भी किए। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपने फैसले में कहा कि पीठासीन अधिकारी के रूप में मसीह के आचरण की दो स्तरों पर निंदा की जानी चाहिए। सबसे पहले अपने आचरण से उन्होंने गैरकानूनी तरीके से मेयर चुनाव की दिशा बदल दी। दूसरे 19 फरवरी को इस अदालत के समक्ष एक गंभीर बयान देते हुए पीठासीन अधिकारी ने झूठ व्यक्त किया जिसके लिए उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। 

मेयर चुनाव से जुड़ा VIDEO चला

मेयर चुनाव से जुड़े मामले में सुनवाई के दौरान एक खास बात देखने को मिली। सुप्रीम कोर्ट में 30 जनवरी की चंडीगढ़ मेयर चुनाव (Chandigarh Mayor Election) के वोटिंग प्रक्रिया का वीडियो चलाया गया। इस दौरान सीजेआई ने कहा कि उन सभी को वीडियो देखने दीजिए, थोड़ा मनोरंजन सबके लिए अच्छा है।

मुस्कुराते दिखे जज और वकील

सीजेआई चंद्रचूड़ ने हंसते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं ने वीडियो की संबंधित टाइमलाइन दी है। अन्यथा हम सभी को 5.45 बजे तक रुकना पड़ेगा। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट में मेयर चुनाव से जुड़ा 30 जनवरी का वीडियो देखकर वकील और जज मुस्कुराते नजर आए।

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अनील मसीह से कहा कि आप बैलेट पेपर्स विरूपित कैसे कर सकते हैं। नियम-11 तो कहता है कि आप सिर्फ उस पर हस्ताक्षर करेंगे तो फिर आपको क्रॉस लगाने का शक्ति कहां से मिली। आपने बैलेट पेपर्स विरूपित किए हैं और आप यह स्वीकार कर रहे हैं। इन पर तो मुकदमा चलना चाहिए।

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