नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। Chinese app fraud:- फर्जी चीनी एप के जरिये मात्र 20 से 25 दिन में पैसे दोगुना करने का झांसा देकर ठगों ने लाखों भारतीयों को चूना लगाया। लोगों ने तीन सौ रुपये से लेकर करोड़ों रुपये तक का निवेश किया। पुलिस के मुताबिक ठगी का यह रैकेट तो एक ही है, लेकिन मोड्यूल अलग-अलग हैं। इनके पीछे चीनी नागरिक हैं, जो अपने देश में बैठकर सारा नेटवर्क चला रहे हैं। भारत में उन्होंने अलग-अलग लोगों से फर्जी कंपनियां खुलवाईं और उनमें अलग-अलग लोगों को डायरेक्टर बनाया गया।

साइबर सेल के डीसीपी अन्येष राय ने बताया कि पुलिस ने जालसाजी में इस्तेमाल लिंक, भुगतान गेटवे, यूपीआइ आइडी, लेनदेन आइडी व बैंक खातों की पहचान की। उन कंपनियों का पता लगाया जहां ठगी के पैसे भेजे गए। पता चला कि बंगाल के उलुबेरिया का रहने वाला शेख राबिन एप से जुड़े हुए 30 खातों को चला रहा है। उससे चीनी नागरिकों ने टेलीग्राम के जरिये संपर्क किया था। शुरुआत में इसने चीनी नागरिकों के बैंक खाते खोले थे, लेकिन बाद में पैसे भेजने लगा। उसके पास 29 बैंक खाते और 30 मोबाइल फोन बरामद किए गए। फर्जी कंपनियों के कुछ निदेशकों के बारे में पता चला। उन्होंने बताया कि साइबर सेल ने आरोपितों की गिरफ्तारी से पहले बैंक खातों में जमा 11 करोड़ रुपये को गेटवे के माध्यम से सीज करा दिए थे।

केडिया ने बनाई थीं 110 फर्जी कंपनियां

डीसीपी अन्येष राय ने बताया कि गुरुग्राम के सीए अविक केडिया ने चीन में बैठे एप निर्माताओं के कहने पर 110 फर्जी कंपनियां बनाई। आनलाइन मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनियों के जरिये भारतीयों को पैसा निवेश करने व जल्द उन्हें दोगुना रिटर्न करने का भरोसा दिया गया। क्विक मनी अìनग एप के जरिये निवेशकों को शुरू में 24 से 35 दिनों के अंदर कुछ राशि लौटाई गई। इससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा और वे अधिक पैसे निवेश करते गए।

उधर ये भी जानकारी में आया है कि उत्तराखंड एसटीएफ की 24 घंटे की जांच में ही ठगी की रकम बढ़कर हुई 520 करोड़ रुपये हो गई है। ताजा जानकारी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी में जांच कर रही उत्तराखंड की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को ठगी की रकम 1000 करोड़ से भी ज्यादा होने का अनुमान है। पहले उसने यह रकम 250 करोड़ तक होने का अनुमान लगाया था, लेकिन जिस प्रकार से गिरोह के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पता चल रहा है, उसमें यह रकम कहीं अधिक हो सकती है।उत्तराखंड एसटीएफ की अभी तक की जांच में 360 करोड़ की ठगी सामने आ चुकी है।

ठग गिरोह के तार चीन और थाइलैंड समेत कुछ अन्य देशों से जु़ड़े होने के चलते खुफिया एजेंसियों की भी मदद ली जा रही है। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि अभी तक की जांच में कुल मिलाकर 520 करोड़ रुपये की ठगी का पता चला है। मामले के तार दिल्ली व कर्नाटक समेत देश के अन्य राज्य से भी जुड़े होने की बात सामने आ रही है। बेंगलुरु की पुलिस से मालूम चला कि वहां पकड़े गए छह आरोपित छह अलग-अलग कंपनियों के निदेशक हैं। इनमें कुछ निदेशक उत्तराखंड के निवासियों से हुई धोखाधड़ी में शामिल बताए जा रहे।

अब तक मिली 25 शिकायतों की जांच शुरू कर दी गई है। तीन मुकदमे दर्ज किए गए हैं।उत्तराखंड एसटीएफ ने मंगलवार को 15 दिन में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर मोबाइल एप के जरिये हुई करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया था। गिरोह के एक सदस्य पवन कुमार पांडे को एसटीएफ ने उप्र के नोएडा से गिरफ्तार किया था। एसटीएफ ने पावर बैंक एप पर हुए विभिन्न लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।

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