नई दिल्ली, जागरण डिजिटल डेस्क। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में घूमने-फिरने के स्थलों की भरमार है। दिल्ली में पहाड़-पर्वत नहीं हैं तो क्या हुआ, यहां पर घूमने-फिरने के कई स्थल हैं, जहां पर लोग दिनभर मौज-मस्ती कर वापस घर लौट सकते हैं।

पिछले कुछ सालों के दौरान दिल्ली में नए पर्यटन स्थल बने हैं। मसलन सेंट्रल विस्टा (Central Vista), जहां पर आप जाकर लुत्फ उठा सकते हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेंट्रल विस्टा के एक हिस्से का उद्घाटन किया है। वीकेंड में यहां बड़ी संख्या में लोग परिवार और दोस्तों के साथ घूमने पहुंचते हैं।

क्या है सेंट्रल विस्टा?

दिल्ली स्थित इंडिया गेट से लेकर राष्ट्रपति भवन तक जो रास्ता जाता है उस पूरे इलाके को सेंट्रल विस्टा के नाम से जाना जाता है। इस इलाके में संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, नार्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, इंडिया गेट, नेशनल आर्काइव ऑफ इंडिया सहित कई कार्यालय हैं। इस क्षेत्र को सामूहिक रूप से सेंट्रल विस्टा कहा जाता है। यह क्षेत्र लगभग 3.2 किलोमीटर में फैला है। केंद्र की मोदी सरकार इसका रिडेवलपमेंट कर रही है।

वर्ष 2026 तक सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को पूरा किया जाना है। प्रोजेक्ट के तहत इसी इलाके में आने वाले प्रधानमंत्री कार्यालय, प्रधानमंत्री निवास, संसद भवन, केंद्रीय सचिवालय सहित कई कार्यालयों का निर्माण कराया जाएगा। वर्तमान में सेंट्रल विस्टा एवेन्यू बन चुका है। वहीं संसद भवन का निर्माण कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है।

‘राजपथ’ का नाम ही नहीं, नजारा भी बदल गया है

खास बात यह है कि सेंट्रल विस्टा जिस जगह मौजूद है यानी राजपथ अब उसका नाम बदलकर 'कर्तव्य पथ' कर दिया गया है। ‘राजपथ’ का नाम ही नहीं बदला बल्कि पूरा नजारा भी बदल गया है। यहां पहुंचने वाले लोगों को नया अनुभव कराने के लिए स्वरूप में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। यहां की प्राकृतिक खूबसूरती भी देखते ही बनती है। सेंट्रल विस्टा में 4000 से अधिक पेड़ लगाए गए हैं।

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हर राज्य के लिए खुलेंगे फूड स्टॉल्स

सेंट्रल विस्टा पर हर राज्य के लिए नए फूड स्टॉल्स खोले जाएंगे। कर्तव्य पथ के आस-पास की जगह को कुछ इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह एक खूबसूरत टूरिस्ट स्पॉट की तरह दिखता है। यहां इंडिया गेट के पास नई दुकानें भी बनाई गई हैं।

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खास बातें-

  • पांच वेंडिंग जोन, जहां 40 विक्रेता बैठेंगे, इंडिया गेट के पास दो ब्लाक आठ-आठ दुकानों के साथ होंगे। कुछ राज्यों ने अपने फूड स्टाल लगाने में रुचि दिखाई है।
  • कुल नहर क्षेत्र की 19 एकड़ भूमि का जीर्णोद्धार किया गया है। उन्हें एयररेटर जैसे बुनियादी ढांचे से सुसज्जित किया गया है। पूरे खंड पर 16 पुल हैं। दो नहरों में नौका विहार की अनुमति है।
  • यहां आने वाले लोगों को एक चीज की कमी खलेगी कि इंडिया गेट से मान सिंह रोड तक गार्डन एरिया में खाने की इजाजत नहीं है।
  • अपराध और असुविधा से बचने के लिए करीब 80 सुरक्षाकर्मी इस मार्ग पर नजर रख रहे हैं।
  • राजपथ के साथ-साथ 3.90 लाख वर्ग मीटर में फैले क्षेत्र को चारों ओर से हरियाली के साथ विकसित किया गया है।
  • 15.5 किमी तक फैले नए लाल ग्रेनाइट पैदल मार्ग बनाए गए हैं।
  • पूरे हिस्से में 1,125 वाहनों के लिए पार्किंग की जगह बनाई गई है। इंडिया गेट के पास 35 बसों के लिए पार्किंग की जगह है।
  •   74 ऐतिहासिक लाइट पोल और सभी चेन लिंक बहाल कर दिए गए हैं। 900 से अधिक नए लाइट पोल लगाए गए हैं।
  • परिसर के चरित्र को बनाए रखने के लिए कंक्रीट के बोल्डरों को एक हजार से अधिक सफेद बलुआ पत्थर के बोल्डरों से बदल दिया गया है।
  • पूरे खंड में 400 से अधिक बेंच, 150 कूड़ेदान और 650 से अधिक नए साइनेज लगाए गए हैं।
  • व्यस्त जंक्शनों पर चार नए पैदल यात्री अंडरपास बनाए गए हैं।
  • बच्चों और विशेष रूप से दिव्यांगों के सुरक्षित उपयोग के लिए उपयुक्त ऊंचाई पर रेलिंग के साथ रैंप हैं।

कैसे पहुंचे

मेट्रो के जरिए सेंट्रल विस्टा पहुंचना बेहद आसान है। येलो लाइन पर पड़ने वाले केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन से यह जगह काफी पास है। इसके अलावा आप प्रगति मैदान, रेस कोर्स और बाराखंभा मेट्रो स्टेशन से निकलकर यहां के लिए ऑटो ले सकते हैं।

Edited By: Abhishek Tiwari

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