नई दिल्ली [शुजाउद्दीन]। CAA Delhi Protest Updates: उत्तर पूर्वी दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोग मंगलवार रात को भी ख़ौफ़ज़दा रहे। भले ही मुख्य सड़कों पर सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात है, लेकिन कॉलोनियों के अंदर आम लोगों ने ख़ुद समूह बनाकर पहरेदारी की। लोगों के ज़हन से वो मंज़र निकल नहीं पा रहा है, जो उन्होंने पिछले तीन दिनों में देखा है। हिंसा की यादें उन्हें लगातार परेशान करती रहीं।

मंगलवार की रात के वक्त ब्रह्मपुरी, करावल नगर, चांद बाग, शिव विहार, बाबरपुर, कर्दमपुरी जाफराबाद सहित अन्य मुख्य सड़कों पर बवाल नहीं हुआ। लेकिन कॉलोनी में तनाव बरकरार रहा। गलियों में एक तरफ जागते रहो तो दूसरी तरफ धार्मिक नारे गूंज रहे थे। घरों में कैद लोग बस अपनी सलामती की दुआएं कर रहे थे।

एक से डेढ़ घंटे लाइन में लगने पर मिल रहा है दूध

पिछले तीन दिनों की हिंसा के बाद बुधवार को दूध की कुछ दुकानें पुलिस के सहयोग से खुली। जो दुकानें खुली हुई हैं वहां दूध के लिए लंबी लंबी कतारें लगी हुईं हैं। एक शख्स को दूध लेने में एक से डेढ़ घंटे का समय लग रहा है। आम दिनों की तरह दुकानों पर पैकेट वाला दूध नहीं मिल रहा, बिना पैकेट वाला दूध ही दुकानों पर उपलब्ध है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। 

सड़कों पर परिचालन हुआ शुरू, वाहन चालकों ने ली राहत की सांस

पिछले तीन दिनों से नूर ए इलाही, जाफराबाद, करावल नगर रोड दंगाइयों ने बंद कर रखी थी। पुलिस बल ने मंगलवार शाम सभी सड़कें खाली करवा दी। बुधवार सुबह से ही सड़कों पर वाहनों का आवागमन शुरू हो गया था। तीन दिन तक परेशानी झेलने के बाद आज वाहन चालक और आम लोगों ने राहत की सांस ली। वाहन चालकों का कहना था कि पुलिस पहले ही सख्त कार्रवाई कर देती तो लोगों को इतनी परेशानी उठानी ही नहीं पड़ती।

Posted By: JP Yadav

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