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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'22 मार्च को एक घंटे के लिए गैर-जरूरी लाइट बंद रखें', दो करोड़ दिल्लीवासियों से BSES ने की खास अपील

By Agency Edited By: Sonu Suman
Published: Thu, 20 Mar 2025 04:42 PM (IST)

दुनियाभर में 22 मार्च को अर्थ आवर डे मनाया जाएगा। अर्थ आवर सिर्फ बिजली बचाने का अभियान नहीं है बल्कि ...और पढ़ें

22 मार्च को दुनिया भर में मनाया जाएगा अर्थ आवर डे।
22 मार्च को दुनिया भर में मनाया जाएगा अर्थ आवर डे।

एएनआई, नई दिल्ली। बिजली वितरण कंपनी बीएसईएस ने दिल्ली के करीब दो करोड़ लोगों से 22 मार्च को रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक अर्थ आवर के दौरान गैर-जरूरी लाइट और उपकरण बंद करने की अपील की है। यह अभियान जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित किया जाता है।

बीएसईएस का कहना है कि पिछले साल दिल्ली में अर्थ आवर के दौरान 206 मेगावॉट बिजली बचाई गई थी, जिसमें बीएसईएस क्षेत्र का योगदान 130 मेगावॉट रहा। इस साल कंपनी को उम्मीद है कि यह आंकड़ा और बढ़ेगा।  

'वर्ल्ड वाटर डे' के साथ मनाया जा रहा 'अर्थ आवर डे'

अर्थ आवर इस साल वर्ल्ड वाटर डे के साथ मनाया जा रहा है, जिसका थीम है – ‘बी वॉटर वाइज’। इसका उद्देश्य जल और ऊर्जा संरक्षण के महत्व को उजागर करना है।  

बीएसईएस ने अपने ग्राहकों और कर्मचारियों को जागरूक करने के लिए एसएमएस, वेबसाइट और न्यूजलेटर के जरिए संदेश भेजे हैं। इसके अलावा, कंपनी अपने 400 से अधिक कार्यालयों में गैर-जरूरी लाइट्स बंद रखेगी। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया ने लोगों से इस अभियान में शामिल होकर जलवायु संरक्षण में योगदान देने की अपील की है।

भारत में 15वां अर्थ आवर डे का हो रहा आयोजन

डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, "भारत में अर्थ आवर का 15वां वर्ष मनाया जा रहा है। हम बीएसईएस का आभार व्यक्त करते हैं, जो नागरिकों तक जागरूकता फैलाने में सहयोग कर रही है। हम सभी हाउसिंग सोसाइटियों और निवासियों से अपील करते हैं कि वे गैर-जरूरी लाइट्स बंद कर इस अभियान का हिस्सा बनें।"

अर्थ आवर का उद्देश्य

अर्थ आवर सिर्फ बिजली बचाने का अभियान नहीं है, बल्कि यह नागरिकों को अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करने के लिए प्रेरित करता है, जैसे- जल की बचत करना, सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करना, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को घटाना, ताकि धरती को बचाने में योगदान दिया जा सके। 

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