दिल्ली Zoo में H5N1 बर्ड फ्लू की जांच तेज, 1350 से अधिक जानवरों के लिए जाएंगे सैम्पल
दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में बर्ड फ्लू फैलने से प्रशासन चिंतित है। चिड़ियाघर को सील कर दिया गया है और जानवरों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। सभी जानवरों की सुरक्षा बढ़ाई गई है और कीटाणुनाशक का छिड़काव किया जा रहा है। दर्शकों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। यूपी के बाद दिल्ली राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में फैले H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा ने चिड़ियाघर प्रशासन और पशु चिकित्सकों की चिंता बढ़ा दी है। इस फ्लू की पुष्टि होने के बाद चिड़ियाघर में मौजूद पक्षियों और जानवरों के जांच के लिए सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए चिड़ियाघर प्रशासन ने चारों ओर बैरिकेंडिंग कर चिड़ियाघर की सीमा को पूरी तरह सील कर दिया है और आम दर्शकों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी है।
1350 से अधिक पशु-पक्षी मौजूद
चिड़ियाघर में इस समय 1350 से अधिक पशु-पक्षी मौजूद हैं। चिड़ियाघर प्रशासन ने सभी जानवरों के साथ अदिति के बचे हुए एक शावक का भी सैंपल जांच के लिए लिया है।
सभी जानवरों के सैंपल लेने के बाद उन्हें जांच के लिए भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान भेजा जाएगा। जहां विशेषज्ञ जांच करेंगे। फिलहाल पशु चिकित्सकों की टीम ने अदिति के नन्हें शावक को विशेष देखरेख में रखा हुआ है ताकि उसे किसी तरह का खतरा न हो।
कीटाणुनाशक का छिड़काव
जानवरों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने चिड़ियाघर कर्मचारियों द्वारा पिंजरों और बाड़ों के आस-पास लगातार कीटाणुनाशक का छिड़काव किया जा रहा है। पशु चिकित्सकों की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बर्ड फ्लू का वायरस पक्षियों से अन्य जानवरों में भी फैल सकता है, इसलिए यह जांच और सतर्कता बेहद जरूरी है।
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भोपाल से आएगी जांच रिपोर्ट
प्रशासन का कहना है कि आगंतुकों की सुरक्षा और जानवरों की सेहत उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी कारण फिलहाल आम दर्शकों की आवाजाही अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी गई है। लोगों से अपील की गई है कि वह किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल अधिकृत सूचना पर ही भरोसा करें।
भोपाल से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चिड़ियाघर में मौजूद जानवर और अन्य पक्षी सुरक्षित हैं या नहीं। तब तक सभी जानवर चिकित्सकों की टीम की कड़ी निगरानी में है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
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