बड़े दुकानदारों ने कागज के बैग को बनाया विकल्प, छोटे दुकानदार नियमों का कर रहे हैं उल्लंघन
Single Use Plastic Ban शादी के कार्ड बेचने वाले व्यापारियों ने पालीथिन के विकल्प के रूप में कागज का बैग इस्तेमाल कर रहे हैं। दुकानदार खरीदारों को तमाम ...और पढ़ें

नई दिल्ली [आशीष सिंह]। Single Use Plastic Ban: सिंगल यूज प्लास्टिक (एसयूपी) पर प्रतिबंध लगने के बाद आमंत्रण पत्रों (कार्ड) के लिए प्रसिद्ध चावड़ी बाजार में असर देखने को मिल रहा है। शादी के कार्ड बेचने वाले व्यापारियों ने पालीथिन के विकल्प के रूप में कागज का बैग इस्तेमाल कर रहे हैं। दुकानदार खरीदारों को तमाम तरह के विकल्प दे रहे हैं। इनमें दो रुपये से लेकर 25 रुपये तक के कागज के बैग उपलब्ध हैं। यह बैग बाजार में आने वाले खरीदारों को भी आकर्षित कर रहे हैं। हालांकि, छोटे दुकानदार आमंत्रण पत्रों में लगने वाली पालीथिन चोरी-छिपे लगाकर बेचते दिखे।
पहले का काफी पड़ा है स्टाक
बड़े दुकानदार तो इसे लेकर सर्तक नजर आए। लेकिन, कुछ दुकानदारों में एसयूपी को लेकर असमंजस की स्थिति है। दुकानदारों ने बताया कि अभी स्पष्ट नहीं हो रहा है कि कितनी माइक्रोग्राम की पालीथिन पर प्रतिबंध है। वहीं, छोटे दुकानदारों ने कहा कि पहले का स्टाक पड़ा हुआ है, उसे खत्म करने लिए के बाद विकल्प ही ओर बढ़ेंगे।
समय दोपहर- तीन बजे
स्थान- चावड़ी बाजार
बाजार में मेन रोड की अधिकतर दुकानों में पालीथिन पर प्रतिबंध का असर देखने को मिला। इसमें बड़े दुकानदार शामिल हैं। इसमें प्रशासन की कार्रवाई का डर भी नजर आया है। उन्होंने इसकी एवज में कागज के बैग को विकल्प बनाया है। वहीं, छोटे दुकानदार चोरी-छिपे पालीथिन का इस्तेमाल करते दिखे। यहां 500 से अधिक थोक व्यापारी हैं।
पतली वाली पालीथिन का बाजार में शादी वार्ड विक्रेताओं ने उपयोग बंद कर दिया है। पिछले साल से इस दिशा में कार्य किया जा रहा था। बाजार में समय-समय पर इसको लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। लेकिन, अभी कई दुकानदार असमंजस की स्थिति में है। पालीथिन के विकल्प के लिए कागज के बैग तैयार किए जा रहे हैं।
विमल जैन, अध्यक्ष, दिल्ली वेडिंग कार्ड मैन्युफैक्चर एसोसिएशन
पालीथिन बंद होना सही है। लेकिन, कार्ड में इसका बहुत ही सीमित ही उपयोग होता था। लोग अब कागज की बैग की तरफ आकर्षित हो रहे हैं।
आनंद भूषण, दुकानदार
पालीथिन के विकल्प में अभी बाजारों में अधिक चीजें तो नहीं है। पर हम लोग सस्ते से सस्ता विकल्प ग्राहक को देने के लिए खोज रहे हैं।इसमें दो से तीन रुपये का लिफाफा बना रहे हैं।
हिमांशु गोयल, दुकानदार
खरीदार पहले जो शादी के कार्ड के साथ पालीथिन आती थी, वह अब कहीं-कहीं मिल रही है। यह सही भी है क्योंकि इसका दुबारा इस्तेमाल होता नहीं था। इससे यह प्रदूषण का ही कारण बनती थी।
राकेश, खरीदार, चावड़ी बाजार
दूर शादी के कार्ड देने होते हैं तो पालीथिन एक सस्ता विकल्प था। प्रशासन सख्ती के साथ इसे हटा रही है। यह एक अच्छी सोच है। लोगों को भी प्रशासन का बढ़-चढ़कर साथ देना चाहिए।
टिकम सिंह तोमर, खरीदार, चावड़ी बाजार

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