यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
किन्नर के वेश में रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठिये को दबोचा, 10 साल पहले आया था भारत; 19500 संदिग्धों की सूची तैयार
दिल्ली पुलिस ने एक बांग्लादेशी पुरुष को गिरफ्तार किया है जो 10 साल से अवैध रूप से किन्नर के वेश ...और पढ़ें

HighLights
- दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया।
- पुलिस द्वारा पकड़ा गया बांग्लादेशी 10 साल पहले भारत आया था।
- चुनाव के बाद भी चलता रहेगा बांग्लादेशियों की धर पकड़ के लिए अभियान।
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली में विकासपुरी थाना पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे एक ऐसे बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है, जिसने न सिर्फ अपनी राष्ट्रीयता छिपा ली बल्कि अपनी पहचान बदलते हुए खुद को किन्नर बताने लगा।
आरोपित का नाम एमे खान
मूल रूप से बांग्लादेश के ढाका का रहने वाला यह आरोपित करीब एक दशक से भारत में रह रहा था। फिलहाल पुलिस ने आरोपित को पकड़ कर उसके डिपोर्ट किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। डिपोर्ट किए जाने के लिए इसे विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय में पेश किया, जहां से डिपोर्ट की प्रक्रिया पूरा होने तक उसे हिरासत केंद्र में भेज दिया गया है। आरोपित का नाम एमे खान है।
पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा
पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त विचित्र वीर ने बताया कि जिले के तमाम थाना क्षेत्रों में पुलिस अवैध रूप से रह रहे विदेशियों की पहचान करने में जुटी हुई है। इसके लिए पुलिस ने मुखबिरों को भी सक्रिय किया है। इसी दौरान पुलिस को मुखबिरों से सूचना मिली कि नाला रोड विकास पुरी में किन्नरों का एक समूह अवैध गतिविधियों में लिप्त हो सकता है। पुलिस टीम ने वहां पर जांच पड़ताल की। पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा।
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पूछताछ के दौरान वह कोई पहचान पत्र नहीं दे सका। पुलिस ने उससे पूछताछ की। जिसमें उसने अपना नाम एमे खान बताया। जांच में पता चला कि वह ढाका के पास का रहने वाला है।
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खुद को बताना शुरू किया किन्नर
उसने बताया कि वह 10 साल पहले अवैध रूप से भारत में घुसा। उसे डर था कि यदि उसकी पहचान किसी को पता चली तो उसे बांग्लादेश डिपोर्ट किया जा सकता है, ऐसे में उसने खुद को किन्नर बताना शुरू किया। उसे लगा कि किन्नर से लोग उनके गांव के बारे में बहुत ज्यादा पूछताछ नहीं करते। ऐसे में उसने किन्नर की वेशभूषा अपना ली।
