यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'केजरीवाल की गिरफ्तारी गैरकानूनी थी, माफी मांगे भाजपा', आबकारी घोटाले को लेकर संजय सिंह का BJP पर हमला
आप सांसद संजय सिंह ने बृहस्पतिवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता में कहा कि इन्होंने एक मुख्यमंत्री को बिना ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने आबकारी घोटाले में ईडी द्वारा तीन साल बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय से स्वीकृति लेने पर भाजपा पर करारा हमला बोला है। ‘आप’ के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह का कहना है कि देश के सामने एक बार फिर साबित हो गया है कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया व मेरी गिरफ्तारी गैर कानूनी और अवैध थी।
ईडी ने गृह मंत्रालय से बिना स्वीकृति लिए गिरफ्तारी की थी, जबकि एजेंसियों को स्वीकृति लेनी होती है। तथाकथित मनगढ़ंत शराब घोटाला में तीन साल बाद स्वीकृति लेने से साफ हो जाता है कि यह पूरा मामला फर्जी है।
सार्वजनिक रूप से केजरीवाल माफी मांगे: संजय सिंह
संजय सिंह ने बृहस्पतिवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता में कहा कि इन्होंने एक मुख्यमंत्री को बिना किसी प्रमाण और स्वीकृति के गिरफ्तार किया। अगर जरा भी शर्म है तो इस अपराध के लिए भाजपा को सार्वजनिक रूप से अरविंद केजरीवाल से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने अपराध किया है। इस बात के लिए उनको माफी मांगनी चाहिए।
केजरीवाल अपने को पीड़ित दिखाकर बटोरते हैं सहानुभूति: बांसुरी
वहीं भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा, "आप नेता हमेशा अपने को पीड़ित दिखाकर जनता की सहानुभूति प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। इसी कड़ी में सांसद संजय सिंह ने आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए गृह मंत्रालय की अनुमति मिलने पर गलत बयानबाजी कर रहे हैं। उन्हें केजरीवाल की गिरफ्तारी की वैधता पर टिप्पणी करने से पहले वकीलों से परामर्श करना चाहिए था।"
केजरीवाल के मामले में भी अदालत ने लिया संज्ञान: बांसुरी
उन्होंने कहा कि 'आप' नेताओं को यह समझना चाहिए कि मुख्यमंत्री पर मुकदमा चलाने की गृह मंत्रालय की अनुमति केवल तब ली जाती है जब अदालत आरोपपत्र का संज्ञान लेता है। केजरीवाल के मामले में भी अदालत ने संज्ञान लिया है। आबकारी घोटाले के आरोपित केजरीवाल की गिरफ्तारी जांच प्रक्रिया का हिस्सा भर है। एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच में शामिल होने का उन्हें पर्याप्त समय दिया गया था। उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया इस कारण उनकी गिरफ्तारी हुई।
