तहव्वुर राणा के भारत आने के बाद सामने आया 26/11 का दुबई कनेक्शन, किस गुमनाम शख्स से की थी मुलाकात? खुलेगा राज
मुंबई 26/11 हमले के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पण के बाद दिल्ली लाया गया। 17 साल बाद उसके दुबई कनेक्शन का खुलासा हुआ। एनआईए की पूछताछ में राणा से उस अज्ञात शख्स का नाम उगलवाया जाएगा जिससे उसने हमले से पहले दुबई में मुलाकात की थी। यह शख्स लश्कर-ए-तैयबा आईएसआई और हमले की साजिश से जुड़ा था।
राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। अमेरिका से प्रत्यर्पण पर दिल्ली लाए गए मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ता आतंकी तहव्वुर राणा का दुबई कनेक्शन सामने आया है। 26/11 हमले के 17 साल बाद राणा के पकड़े जाने पर अब यह कनेक्शन सामने आया है। एनआईए राणा से पूछताछ में उस गुमनाम शख्स का नाम उगलवाएगी, जिससे हमले से पहले उसने दुबई जाकर मुलाकात की थी।
लश्कर-ए-तैयबा चीफ हाफिज सईद और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईसआई के करीबी दुबई के उस शख्स को सब कुछ पता था कि 26/11 को मुंबई में हमले होने वाले हैं। हमले से पहले राणा ने दुबई जाकर उससे मुलाकात भी की थी। राणा यह राज खोल सकता है कि वह शख्स पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी का कोई अधिकारी था या पाकिस्तानी आतंकी संगठन का आका अथवा पाक आर्मी का बड़ा अधिकारी ?
26/11 हमले के साजिशकर्ता से उसकी दुबई में मुलाकात क्यों?
हेडली और राणा ने नवंबर 2008 में मुंबई में स्थित अपने ऑफिस की लीज को रिन्यू नहीं कराया था। ऑफिस की लीज नवंबर 2008 में समाप्त हो गई थी। उसके बाद न ही राणा और न ही हेडली ने उसे रिन्यू कराया था। राणा से इस बारे में पूछताछ की जा रही है कि 26/11 हमले के साजिशकर्ता से उसकी दुबई में मुलाकात क्यों और किसके निर्देश पर हुई थी। क्या हेडली के कहने पर वह उस शख्स से मुलाकात करने दुबई गया था।
अमेरिकी एजेंसियों ने चैट और बातचीत एनआईए से साझा की
दरअसल अमेरिका में पकड़े जाने के बाद राणा ने अमेरिकी जांच एजेंसियों के सामने उस शख्स के बारे में जानकारी दी थी जिसको लेकर अमेरिकी जांच एजेंसियों ने एक रिपोर्ट तैयार की थी। अमेरिकी एजेंसियों ने चैट और बातचीत एनआईए से साझा की हैं। अगस्त 2005 में हेडली ने राणा को लश्कर की उस साजिश के बारे में बताया था, जिसके तहत हेडली को भारत के सार्वजनिक स्थानों और सरकारी इमारतों की रेकी के लिए भेजा जाना था ताकि हमले की तैयारी की जा सके।
तहव्वुर को कई राज्यों में लेकर जा सकती है एनआईए
एनआईए सूत्रों की मानें तो 26/11 से पहले तहव्वुर राणा ने भारत का दौरा कर छह शहरों के कई लोकेशन की रेकी की थी। किसी को शक न हो इसलिए वह पाकिस्तान से अपनी पत्नी समरोज राणा के साथ भारत आया था। उसने उत्तर प्रदेश के हापुड़, आगरा और दिल्ली के कुछ लोकेशन के अलावा केरल के कोच्चि, गुजरात के अहमदाबाद व महाराष्ट्र के मुंबई के कुछ बड़े और भीड़भाड़ बाजारों की रेकी की थी। रेकी के दौरान तहव्वुर व उसकी पत्नी कई जगहों पर रुके भी थे। उक्त लोकेशन की पहचान के लिए एनआईए तहव्वुर को कुछ जगहों पर ले जा सकती है। शनिवार को राणा से इसी मसले पर पूछताछ की गई। तहव्वुर 13 से 21 नवंबर, 2008 तक भारत में था।
राणा से सुबह करीब 11 पूछताछ शुरू की गई
शनिवार को दूसरे दिन भी राणा से सुबह करीब 11 पूछताछ शुरू की गई। दक्षिण दिल्ली स्थित एनआईए मुख्यालय के भूतल पर जिस हाइटेक सेल में राणा को रखा गया है ठीक उसके बगल में ही पूछताछ वाला कमरा भी है। एनआईए का कहना है कि मुंबई हमला से पहले डेविड काैलमेन हेडली, पाकिस्तान के सेना अधिकारी मेजर इकबाल, साजिद और तहव्वुर हुसैन राणा ने डेनमार्क में हमला करने के लिए आपरेशन "मिकी माउस प्रोजेक्ट" की साजिश रची थी। उक्त हमले में साजिद की जीत हो गई थी। जिससे उक्त आपरेशन का नाम नादर्न प्रोजेक्ट दिया गया था। इसके बारे में भी पूछताछ की गई।
राणा के आवाज के नमूने ले सकती है एनआईए
अमेरिका से प्रत्यर्पण पर दिल्ली लाए गए मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर हुसैन राणा के आवाज का मिलान करने के लिए एनआईए राणा के आवाज के नमूने ले सकती है और इसका वैज्ञानिक जांच भी करवा सकती है। इसके लिए एनआईए अदालत से अनुमति मांग सकती है। एनआईए के हाथ राणा का काल डिटले रिकार्ड भी है। इसकी जांच से से साफ हो जाएगा कि राणा की किन-किन लाेगों से बात हुई थी। यह एक बड़ा सुबूत होगा। एनआईए मुख्यालय में ही राणा के नमूने लिए जा सकते है। आवाज के नमूने लेने के लिए आरोपित की रजामंदी जरूरी होती है। आरोपित के मना करने पर कोर्ट को अवगत कराना होता है जाे उसके खिलाफ जाता है।
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