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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

AAP National Party: आम आदमी पार्टी, जानिए इसके बारे में

By GeetarjunEdited By: Geetarjun
Published: Mon, 10 Apr 2023 11:37 PM (IST)

आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party AAP) को चुनाव आयोग (ECI) ने सोमवार को राष्ट्रीय पार्टी का दर्ज दे दिया। ...और पढ़ें

AAP National Party: 2012 बनी आम आदमी पार्टी, 11 साल में कैसे मजबूत होती गई AAP; जानिए पूरा इतिहास
AAP National Party: 2012 बनी आम आदमी पार्टी, 11 साल में कैसे मजबूत होती गई AAP; जानिए पूरा इतिहास

नई दिल्ली, जागरण डिजिटल डेस्क। आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party, AAP) को चुनाव आयोग (ECI) ने सोमवार (10 अप्रैल) को राष्ट्रीय पार्टी का दर्ज दे दिया। इस तरह पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल सहित देशभर के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी की लहर है। बता दें कि पार्टी का गठन 2012 में हुआ था। 11 साल में आप अब राष्ट्रीय पार्टी बन गई है।

ऐसे बनी आम आदमी पार्टी

भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े हुए अन्ना आंदोलन से निकलकर आप का गठन 2012 में हुआ था। समाजसेवी अन्ना हजारे और आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों का मानना था कि राजनीति में नहीं आना चाहिए, लेकिन आईआरएस अधिकारी रहे अरविंद केजरीवाल व उनके साथ के कुछ लोगों की राय अलग थी और ये राजनीति में आकर राजनीति बदलने की बात कहते हुए आगे बढ़ गए।

एक साल बाद ही 2013 में आम आदमी पार्टी ने पहला चुनाव लड़ा। 70 सीटों वाली दिल्ली विधानसभा में आप दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। उसे 28 सीटें मिलीं। कांग्रेस ने उसे बाहर से समर्थन दिया और दिल्ली में केजरीवाल की सरकार बन गई, लेकिन यह सरकार अधिक दिनों तक नहीं चल सकी, 49 दिन बाद केजरीवाल ने इस्तीफा दे दिया।

आप ने 2014 का लोकसभा चुनाव देश की 400 सीटों पर लड़ा। केजरीवाल वाराणसी से नरेन्द्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़े। इसके नतीजे अच्छे नहीं रहे। आप के हाथ कुछ नहीं लगा। दिल्ली में भी एक भी सीट नहीं मिली। आप सिर्फ पंजाब में चार सीटों पर जीत दर्ज कर सकी।

इसके बाद आप ने सिर्फ दिल्ली पर फोकस किया और 2015 के विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल की। आप को 70 में से 67 सीटें मिलीं, लेकिन इस बीच पार्टी में अंतर्कलह सामने आने लगी। अप्रैल 2015 में पार्टी के संस्थापक सदस्यों योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और प्रो. आनंद कुमार को आप से निष्कासित कर दिया गया।

आप दिल्ली में सत्ता में आई तो काम करने के तरीके को लेकर दिल्ली सरकार का लगातार उपराज्यपाल और केंद्र सरकार के साथ टकराव हुआ।

2019 के लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को झटका लगा। भाजपा ने फिर से दिल्ली की सातों लोकसभा सीटें जीत लीं। 2020 में दिल्ली विधानसभा के चुनाव हुए और 70 में से 70 सीटें जीत लीं।

पंजाब में जीती आप

मार्च, 2022 में हुए पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने सरकार बनाई। पंजाब में आम आदमी पार्टी ने 77 सीटें जीतीं। वहीं, 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में, AAP ने 117 में से 112 सीटों पर चुनाव लड़ा, कुल मतों के 23.72% के साथ 20 सीटों पर जीत हासिल की।

2019 के लोकसभा चुनाव में आप ने पंजाब की 13 में से 13 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 1 जीत गई थी। 2014 में आप ने पंजाब की 13 में से 13 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 4 सीटों पर जीत हासिल की थी।

गुजरात में भी किया अच्छा प्रदर्शन

गुजरात में 2022 दिसंबर में आम आदमी पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया था। में हुए विधानसभा चुनाव में भी AAP ने अच्छा प्रदर्शन किया था। जहां पार्टी को करीब 12 प्रतिशत वोट मिले थे। पार्टी ने वहां पांच सीटें जीती थीं।

दो राज्यों में है आम आदमी पार्टी की सरकार

आम आदमी पार्टी की दो राज्यों में सरकार है। पंजाब में 2022 में विधान सभा के चुनाव हुए थे, जहां पार्टी ने पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई थी। फरवरी 2020 में भी केंद्र शासित प्रदेश व राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी पार्टी ने कब्जा जमा लिया था। इसी साल दिल्ली एमसीडी में भी आम आदमी पार्टी ने पहली बार अपना मेयर बनाकर इतिहास रच दिया।