CM केजरीवाल के जेल जाने के बाद AAP ने बदली रणनीति, तीन बैठकों के बाद पार्टी ने इन्हें दी बड़ी जिम्मेदारी
आप की रणनीति के तहत विधायकों को अपने क्षेत्र के मतदाताओं की नब्त टटोलने के लिए कहा गया है। उनके विधायकों के स्तर पर बैठकें करने के लिए कहा गया है। पार्टी इस पर अध्ययन कर रही कि यह मतदाता लाेकसभा चुनाव में भाजपा की ओर दोनोंं बार क्यों चला गया है। आखिर क्यों आप को झुग्गीवासी वोट नहीं कर रहे हैं?

वीके शुक्ला, नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रत्याशियों को जिताने का इस बार विधायकों पर दारोमदार है। इसे लेकर आप के वरिष्ठ नेताओं की अभी तक विधायकों के साथ तीन बड़ी बैठकें हो चुकी हैं। इस बार चुनाव में पार्टी के विधायकों की आप जिम्मेदारी तय कर रही है।
जिन चार सीटाें पर आप लड़ रही है इनके लिए अलग से प्लान तैयार किया जा रहा है। सभी को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए हैं कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप को वोट देने वाला मतदाता इस बार लोकसभा चुनाव में भाजपा को वोट न दे।इसके लिए वे पूरी तरह से जुट जाएं।
नब्ज टटोलने के लिए विधायकों को जिम्मेदारी
आप की रणनीति के तहत विधायकों को अपने क्षेत्र के मतदाताओं की नब्ज टटोलने के लिए कहा गया है। उनके विधायकाें के स्तर पर बैठकें करने के लिए कहा गया है। विधायकों को दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015 और 2020 में उनके क्षेत्र में आप को मिले मतों की सूची दी जा रही है और इसी तरह लोकसभा चुनाव 2014 और 2019 में उन्हीं क्षेत्रों में मिले मत प्रतिशत की जानकारी तैयार की गई है जो उन्हें कॉलोनी के हिसाब से दी गई है।
पार्टी इस पर अध्ययन कर रही कि यह मतदाता लाेकसभा चुनाव में भाजपा की ओर दोनोंं बार क्यों चला गया है। यहां के मुद्दों पर बात की जा रही है कि और इस पर बात की जा रही है कि क्या कहीं कोई ऐसे मुद्दे रहे हैं जिससे मतदाता आप को छोड़कर लोकसभा चुनाव में भाजपा की ओर गया है।
झुग्गी वालों ने आप को क्यों नहीं दिया वाेट
दिल्ली में 700 से अधिक झुग्गी क्लस्टर हैं। पांच लाख से अधिक लोग यहां रहते हैं, जितने में अधिकतर के मतदाता पहचान पत्र और राशन कार्ड बने हैं। ये लोग 100 प्रतिशत वोट डालते हैं। पिछले दोनों लोकसभा चुनाव में में इन लाेगों ने भाजपा को वोट दिया है। जिससे भाजपा के प्रत्याशी भारी मतों से जीते हैं। आप सूत्रों की मानें तो यहां तक कि स्थिति रही कि इन लोगों को ठीक से पता भी नहीं था कि उनके इलाके में भाजपा का प्रत्याशी कौन है, मगर इस लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम पर वाेट दिया है।
उनका कहना है कि आप की रणनीति यह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आमने सामने रखकर इन लोगों को यह अहसास कराना है कि उन लोगों के लिए किसने काम किया है। दिल्ली में बिजली, पानी अस्पतालों में उनके लिए इलाज और उनके बच्चों की पढ़ाई के लिए बेहतर व्यवस्था किसने की है।
संचालन की जिम्मेदारी विधायकों पर
पार्टी की रणनीति है कि लोगों को दिल्ली के विकास के बारे में अहसास कराकर उन्हें दिमाग में यह बात बैठानी है कि आम आदमी पार्टी ही बेहतर है। इस पूरे अभियान को आगे बढ़ाने और इसका संचालन करने की जिम्मेदारी भी विधायकों को दी गई है। विधायकों को निर्देश हैं केि पार्टी के लोकसभा प्रत्यािशयों के साथ में जाकर इलाके के विधायक प्रचार करेंगे और प्रत्याशी के न होने पर भी वे अपने स्तर पर अपने इलाके में प्रत्याशी के लिए प्रचार करेंगे।
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