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    Delhi News: चावड़ी बाजार में भरभराकर गिरा जर्जर गोदाम, हादसे में सात घायल

    By Jagran NewsEdited By: Monu Kumar Jha
    Updated: Sun, 14 Jul 2024 03:13 PM (IST)

    पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार (Delhi Chawri Bazar Accident) में आज देर रात एक जर्जर गोदाम गिर गया। इस हादसे में 7 लोग घायल हो गए। जिसमें से 5 को मामूली चोट लगी थी। जबकि दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। फिलहाल उनका इलाज जारी है। गिरने वाला गोदाम करीब 60 साल से ज्यादा का पुराना है। गनीमत रही की कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

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    Chawri Bazar Accident: चावड़ी बाजार में जर्जर गोदाम गिरा, दो मजदूरों का इलाज जारी। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। (Delhi Hindi News) पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार में शनिवार देर रात एक जर्जर गोदाम गिर गया। हादसे में गोदाम की छत पर सो रहे सात मजदूर घायल हुए हैं। जिन्हें पास के एलएनजेपी अस्प्ताल में भर्ती कराया गया है।

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    दो मजदूरों का इलाज जारी

    पांच मजदूरों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें उपचार के बाद छुट्टी मिल गई है। वहीं दो मजदूरों का उपचार चल रहा है, उनकी हालत खतरे से बाहर है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    आज तड़के ढाई बजे गिरा गोदाम

    जानकारी के मुताबिक, चावड़ी बाजार के छोटा छिप्पीवाड़ा में व्यापारी विमल जैन का शादी कार्ड का एक गोदाम है। रविवार तड़के करीब ढाई बजे गोदाम भरभराकर गिर गया। यह गोदाम करीब 60 से 70 साल पुराना है।

    हादसे में गोदाम की छत पर सो रहे सात मजदूर मलबे में दब गए। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस की टीम ने मजदूरों को मलबे से निकाल पास के ही एलएनजेपी अस्प्ताल में भर्ती कराया, जहां पांच मजदूरों को उपचार के बाद रविवार की सुबह छुट्टी दे दी गई, वहीं दो मजदूरों का उपचार चल रहा है।

    फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर है। बताया जा रहा है कि जहां यह हादसा हुआ वहां दो दिन पहले ही सड़क का निर्माण हुआ था। जिसके कारण सड़क की खोदाई की वजह से जर्जर हो चुके गोदाम की बुनियाद कमजोर हो गई थी।

    हो सकता था बड़ा हादसा

    गोदाम शादी कार्ड से भरा हुआ था। गनीमत यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ उस समय यहां काम करने वाले मजदूर गोदाम की छत पर सो रहे थे। अगर मजदूर गोदाम के अंदर सो रहे होते तो मलबे में दबने से इनकी जान भी जा सकती थी।

    आसपास की इमारतों की हालत भी जर्जर

    घटनास्थल के आसपास की इमारतों की हालत भी बेहद जर्जर स्थिति में है। किसी इमारत का प्लास्तर गिर रहा है तो कहीं लेंटर ही झुक गया है। इन इमारतों की मरम्मत नहीं कराई जाती है।

    व्यापारियों ने इन जर्जर इमारतों को गोदाम बनाया हुआ है। मानसून के मौसम में तो हालत और भी भयावह हो जाती है। जिम्मेदारों की लापरवाही से कभी भी कोई बड़ा हादसा हादसा घटित हो सकता है।

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