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National Children's Award 2025: वीर बाल दिवस पर 20 बच्चों को मिला पुरस्कार, उपलब्धियों पर राष्ट्रपति मुर्मू ने बांधी तारीफ

Published: Fri, 26 Dec 2025 02:14 PM (IST)

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली में 20 बच्चों को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया। बिहार ...और पढ़ें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली में 20 बच्चों को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया। जागरण

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली में 20 बच्चों को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया। जागरण

HighLights

  1. राष्ट्रपति ने 20 बच्चों को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार दिया

  2. वैभव सूर्यवंशी और श्रवण सिंह को मिला पुरस्कार

  3. विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को विज्ञान भवन में 2025 के लिए 20 बच्चों को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। पुरस्कार पाने वालों में बिहार के वैभव सूर्यवंशी, जो क्रिकेट की दुनिया के उभरते सितारे हैं, और पंजाब के श्रवण सिंह शामिल हैं, जिन्हें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी बहादुरी के लिए पहचान मिली। यह पुरस्कार हर साल सामाजिक सेवा और खेल सहित विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए दिया जाता है।

वैभव ने हाल ही में बुधवार को घरेलू एक दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी में 190 रनों की शानदार पारी खेलकर लिस्ट ए क्रिकेट में शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने पहले ही कई क्रिकेट रिकॉर्ड बनाए हैं। वह IPL में शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज भी हैं।

उन्हें 14 साल की कम उम्र में क्रिकेट में कई नए रिकॉर्ड बनाने के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वैभव पुरस्कार लेने के लिए नई दिल्ली गए, जिसके कारण वह विजय हजारे ट्रॉफी में अपना दूसरा मैच भी नहीं खेल पाए। उन्हें आज रांची के मैदान पर बिहार टीम के लिए मणिपुर के खिलाफ खेलना था।

पंजाब के श्रवण सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान असाधारण साहस दिखाया, ड्रोन हमलों के बीच भी सैनिकों की मदद की। बाराबंकी की पूजा को किसानों के लिए कृषि प्रदूषण कम करने वाली मशीन का आविष्कार करने के लिए पुरस्कार मिला।

बिहार के 11 साल के कमलेश ने नदी में डूब रहे एक बच्चे को बचाते हुए अपनी जान गंवा दी; उन्हें उनकी बहादुरी के लिए मरणोपरांत पुरस्कार दिया गया। उत्तर प्रदेश के नौ साल के अजय राज ने नदी किनारे मगरमच्छ से अपने पिता की जान बचाई। हरियाणा की 17 साल की एथलीट ज्योति ने 15 से ज़्यादा पदक जीते हैं।

पुरस्कार देने के बाद, राष्ट्रपति ने अपने भाषण में वैभव की तारीफ की। उन्होंने कहा, "वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट की अत्यधिक प्रतिस्पर्धी और प्रतिभाशाली दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कई रिकॉर्ड बनाए हैं, और मुझे विश्वास है कि आप जैसे प्रतिभाशाली बच्चे अच्छा काम करते रहेंगे। यह तो बस शुरुआत है। दूसरे बच्चे आपसे सीखेंगे और आपके उदाहरण का पालन करेंगे।"