Farmers Protest in Delhi: कई दलों ने भारत बंद को दिया समर्थन, 8 दिसंबर को किसानों की आर-पार की लड़ाई
Farmers Protest in Delhi पलवल में Nh-19 अटोहा मोड़ पर दिल्ली कूच के लिए अड़े किसानों ने हंगामा किया। राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। इसकी वजह से कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। प्रदर्शन कारी नारेबाजी कर रहे हैं।

नई दिल्ली, जेएनएन, एएनआइ। आम आदमी पार्टी आठ दिसंबर के भारत बंद में किसानों का साथ देगी। आप के मुखिया व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पार्टी के देश भर के नेताओं और कार्यकर्ताओं से किसानों का साथ देने की अपील की है। यह जानकारी देते हुए आप के दिल्ली संयोजक व कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि केंद्र सरकार का ढुलमुल रवैया किसानों को परेशान कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसान कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं और केंद्र सरकार कानूनों के फायदे गिना रही है, जो बहुत ही निराशाजनक है।
पलवल में NH-19 अटोहा मोड़ पर दिल्ली कूच के लिए अड़े किसानों ने हंगामा किया। राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। इसकी वजह से कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। वहींकृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली से लगती सीमाओं पर किसानों का प्रदर्शन रविवार को भी 10वें दिन जारी है। इस बीच बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। शनिवार को किसान संगठनों और केंद्र के बीच बातचीत का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
Farmers Protest in Delhi
- किसान नेता बलदेव सिंह ने सिंघु बॉर्डर पर केंद्र सरकार के नए कृषि कानून के विरोध में बुलाए भारत बंद को लेकर सभी से इसमें शामिल होने की अपील की है। उन्होंने यह भी बताया कि गुजरात से भी 250 किसानों का जत्था दिल्ली आ रहा है। किसान आंदोलन को यह मजबूत करने वाला है।
- गाजीपुर के पास ट्रैफिक काफी ज्यादा होने के कारण जाम लग गया है। यहां पर किसान आंदोलन को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
- भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नोएडा के सेक्टर- 95 स्थित दलित प्रेरणा स्थल पर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया।
- बॉक्सर विजेंदर सिंह रविवार कोसिंघू बॉर्डर (हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर) पर किसानों के आंदोलन में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अगर कृषि कानून को वापस नही लेगी तो मैं अपना राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार लौटाऊंगा।
- फरीदाबाद में मथुरा रोड बड़खल मोड़ से आगे पुलिस ने किसानों का काफिला रोका। किसान सड़क पर बैठ गए हैं।
- यूपी गेट सीमा पर हो रहे किसानों के धरने के कारण महाराज पुर सीमा पर जाम लग गया है।
- कृषि कानूनों को लेकर चल रहे किसान आंदोलन के कारण उद्योग जगत को रोजाना करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। कई बड़ी कंपनियों के ट्राले तो जाम में फंसे हुए हैं। दिल्ली से आने वाले कर्मचारी भी कंपनियों में नहीं पहुंच रहे हैं। इसका असर उत्पादन पर पड़ रहा है। आइएमटी इंडस्टि्रयल एसोसिएशन के अनुसार आंदोलन के कारण उद्योग जगह को रोजाना करीब सौ करोड़ रुपये का नुकसान पहुंच रहा है। मानेसर और गुरुग्राम के उद्योगों का दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों से व्यापार बंद हो गया है। कई कंपनियों का तैयार माल जाम में फंसा हुआ है। अधिकतर कंपनियों द्वारा माल तैयार करने के बाद भी नहीं भेजा जा रहा कहीं रास्ते में स्थिति खराब हो जाए और तैयार माल को नुकसान हो जाए।
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